मुंबई हमले के साजिशकर्ता और कुख्यात आतंकी संगठन जमात-उल-दावा के सरगना हाफिज सईद के घर के बाहर धमाके के मामले में गिरफ्तार आयशा बीबी की जमानत याचिका पर पाकिस्तान की स्थानीय अदालत ने काउंटर टेरेरिज्म विभाग और पंजाब सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
जौहर टाउन स्थित हाफिज के घर के बाहर 23 जुलाई को हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हुई थी और 20 घायल हुए थे। इसमें कई घरों, दुकानों और वाहनों को क्षति पहुंची थी। पंजाब सरकार ने इस मामले में लिप्त सभी 10 पाकिस्तानी संदिग्धों का पता लगाने का दावा किया था। पुलिस ने इस मामले में पीटर पॉल डेविड, ईद गुल, आयशा बीबी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
आयशा ने पाकिस्तान उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कहा कि उस पर केवल आतंकियों को मदद देने का आरोप है। उसका गिरफ्तार आतंकियों के साथ कोई संबंध नहीं है। उसकी वकील फिदा हुसैन ने कहा कि धमाके के समय वह जौहर टाउन में मौजूद भी नहीं थी। जांच पूरी हो चुकी है और उनकी मुवक्किल के पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने आयशा को जमानत देने की मांग की।
सूत्रों का कहना है कि पांच महीने बाद भी पाकिस्तान का काउंटर टेरेरिज्म विभाग इस मामले की जांच पूरी नहीं कर पाया है। इसके कारण मुकदमे की सुनवाई भी शुरू नहीं हो सकी है। पंजाब पुलिस के प्रमुख इनाम गनी का कहना है कि विस्फोटक सईद के घर के बाहर खड़ी कार में रखा गया था।