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Bangladesh: शेख हसीना के करीबियों पर सख्ती! हत्या के मामले में कोर्ट ने पूछताछ के लिए फिर रिमांड पर भेजा

Sat, 24 Aug 2024 10:42 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद शेख हसीना सरकार पर इन्हें खत्म करने के लिए सख्ती करने के आरोप हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान ही कई जगहों पर हिंसा हुई थी और सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं को लेकर ही आवमी लीग के कई नेताओं पर मामले दर्ज हुए हैं।
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शेख हसीना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांग्लादेश में शेख हसीना के शासन के खिलाफ शुरू हुई हिंसा अब भले ही थम गई है, लेकिन पूर्व पीएम के देश छोड़ने के बाद भी उनके करीबियों पर सख्ती जारी है। अंतरिम सरकार के अंतर्गत आवामी लीग के कई नेताओं पर कोर्ट ने शिकंजा कसा है। इनमें हसीना के कई सलाहकार और मंत्री ऐसे हैं, जिन्हें हत्या के मामले में अलग-अलग अवधि के लिए रिमांड पर भेजा गया है।
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बताया गया है कि कोर्ट ने शेख हसीना के निजी उद्योग मामलों के सलाहकार सलमान एफ. रहमान, पूर्व कानून मंत्री अनीसुल हक, पूर्व सामाजिक कल्याण मंत्री दीपू मोनी और दो अन्य को हत्या से जुड़े चार मामलों में अलग-अलग रिमांड पर भेजा गया। 

किसे-कितने दिन की रिमांड?
ढाका मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मोहम्मद जशीम ने इस मामले में आदेश दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन तीनों के अलावा आवामी लीग के मुख्य व्हिप एएसएम फिरोज और पूर्व सैन्य अफसर मेजर जनरल जियाउल अहसान को भी हत्या के मामलों में रिमांड पर भेजा गया है। 
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जहां सलमान, अनीसुल और जियाउल को न्यू मार्केट और लालबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या के दो मामलों में 10 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। वहीं, दीपू मोनी को बद्दा पुलिस स्टेशन में दर्ज केस में चार दिन और फिरोज को भटारा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में सात दिन की रिमांड पर भेजा गया है।

गौरतलब है कि बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद शेख हसीना सरकार पर इन्हें खत्म करने के लिए सख्ती करने के आरोप हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान ही कई जगहों पर हिंसा हुई थी और सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। इन मामलों के बाद 5 अगस्त को जबरदस्त प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और भारत रवाना हो गई थीं। 

शेख हसीना के इस्तीफे के बाद से ही आवामी लीग पार्टी के सदस्यों पर हत्या के मामले दर्ज हुए। नोबेल से सम्मानित मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के गठन के बाद से ही शेख हसीना के कई करीबियों को जेल में डाल दिया गया। 
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