विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगियों ने बुधवार को एक साथ देशभर के कई स्थानों पर प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ जनसभाएं कीं। ये सभी दल शेख हसीना पर प्रधानमंत्री का पद छोड़ने और नए सिरे से चुनाव की घोषणा के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजधानी ढाका में बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर ने एक रैली को संबोधित किया और पार्टी की दस सूत्रीय मांग को दबाने और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी की सरकार की योजना का विरोध करने के लिए 16 जनवरी को देशव्यापी रैलियों औऱ जुलूसों की घोषणा की। आलमगीर ने कहा कि विरोध कार्यक्रम सभी महानगरों, जिलों, कस्बों, उप जिलों और नगर पालिका मुख्यालयों में होंगे।
उनके जेल से जमानत पर रिहा होने के एक महीने यह रैली हुई है। आलमगीर ने कहा, प्रधानमंत्री हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग पार्टी, पुलिस और नौकरशाहों के भरोसे सत्ता पर काबिज है और लोग इस सत्तावादी शासन से आजादी चाहते हैं।
बीएनपी नए सिरे से चुनाव कराने के पक्ष में है और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। बांग्लादेश में अगला आम चुनाव 2024 में होगा। बीएनपी ने 2014 और 2018 के चुनावों का बहिष्कार किया था, लेकिन एक विशेष प्रावधान के तहत उसने अपने कई नेताओं को पिछले चुनावों में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। बीएनपी ने चुनाव धांधली का आरोप लगाया था।
राजधानी में एक अलग रैली में बीएनपी के वरिष्ठ नेता मिर्जा अब्बास ने विश्वसनीय चुनाव कराने के लिए एक गैर-दली कार्यवाहक सरकार की मांग की।ष उन्होंने कहा, बलपूर्वक सत्ता से चिपके रहने का समय खत्म हो गया है।
बांग्लादेश के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीएनपी को महत्वपूर्ण समर्थन मिल रहा है, लेकिन इसकी 77 वर्षीय अध्यक्ष खालिदा जिया को भ्रष्टाचार के दो आरोपो में दोषी ठहराए जाने के बाद से पार्टी दिशाहीन हो गई है।