बांग्लादेश को लेकर भले ही दावा किया जा रहा हो, कि वहां हालात सुधर रहे हैं और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी काम पर लौट गए हैं। लेकिन दो महीने हिंसा के दौरान लापता हुए लोगों का आज भी पता नहीं चल सका है। वहीं इसे लेकर आज हिंदूओं ने जोरदार प्रदर्शन भी किया है।
बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर सुलगी आग ने पहले सरकार को अपना निवाला बनाया। इस दौरान निर्दोषों की भी जान गई, जिसके बाद सरकार की मुखिया ने भी अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़ दिया। लेकिन इसके बाद स्थिति और बदहाल, चिंतनीय हो गई। क्योंकि आरक्षण के बदलाव को लेकर सुलगी आग ने सरकार विरोधी प्रदर्शन का रूप लिया। वहीं देश से सत्ताधारी शीर्ष नेताओं के जाने के बाद सरकारी कार्यालय, मंत्रियों के कार्यालय और घर को आग के हवाले किया गया।
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बांग्लादेश में अब तक 560 लोगों की मौत, कई लापता
देश में प्रदर्शनकारियों का मन इतने से भी नहीं भरा, इसके बाद उन्होंने सरकार से जुड़े लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। इसमें सत्ताधारी पार्टी के एक होटल में 24 लोगों को जिंदा जला दिया गया। इस तरह से मौत का खेल अब तक 560 लोगों से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। इन सबके बीच सबसे ज्यादा जिसे हिंसा झेलना पड़ा वो हैं, देश में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोग, जिनके कई परिजन इस हिंसा के बीच ऐसे लापता हुए हैं कि उनका कुछ पता नहीं चल रहा है।
मोहम्मद यूनुस के आवास के बाहर हिंदूओं का प्रदर्शन
अब जब देश में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है, और उसके मुखिया ने सभी से हिंसा न करने की अपील की है, तो इतने दिनों से लापता अपने परिजनों की तलाश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों ने ढाका में जमुना स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस फिलहाल जमुना स्टेट गेस्ट हाउस रह रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने देश में हिंसा की घटनाओं के दौरान लापता हुए अपने परिवार के सदस्यों के पोस्टर पकड़े हुए उनके तलाश की मांग की है।
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सेना के साथ अल्पसंख्यक हिंदूओं की झड़प
देश में हिंसा की घटनाओं के दौरान लापता हुए अपने परिवार के सदस्यों के पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों के साथ सेना के जवानों के बीच मामूली झड़प की भी तस्वीर सामने आयी है।
शख्स ने बेटे के लिए न्याय की मांग की
वहीं अपने लापता बेटे के पोस्टर के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे बुजुर्ग ने कहा, मैं अपनी जान दे दूंगा लेकिन मुझे अपने बच्चे के लिए न्याय चाहिए। मेरा बच्चा कहां है? मैं अपने बच्चे के बारे में पूछताछ करने के लिए घर-घर जा रहा हूं लेकिन कोई मेरी बात नहीं सुन रहा है।