सार
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जनता से अनुरोध किया गया है कि हिंदू मंदिरों, गिरिजाघरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर हुए हमले की जानकारी मुहैया कराएं। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर 01766-843809 जारी किया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। साथ ही जनता से अनुरोध किया गया है कि हिंदू मंदिरों, गिरिजाघरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर हुए हमले की जानकारी मुहैया कराएं। आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंसा बढ़ गई थी। इस दौरान अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों, व्यवसायों और संपत्तियों को तहत नहस कर दिया गया था।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
अब बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने जनता से अनुरोध किया है कि उन धार्मिक स्थलों की जानकारी दें, जहां तोड़ फोड़ की गई है। मंत्रालय द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें लिखा है, ‘अगर आपको पास किसी मंदिर, गिरिजाघर और अन्य धार्मिक स्थलों में तोड़ फोड़ की जानकारी है, तो हम आपसे अनुरोध करते हैं कि मोबाइल नंबर 01766-843809 पर इसकी जानकारी दें। इसके अलावा आप इस नंबर पर संदेश भी भेज सकते हैं।’
धार्मिक मामलों के सलाहकार खालिद होसेन ने क्या कहा?
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के धार्मिक मामलों के सलाहकार खालिद होसेन ने अल्पससंख्यकों के धार्मिक स्थलों में तोड़ फोड़ की आलोचना की है। एक पत्रकार वार्ता में खालिद ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें अल्पसंख्यकों के घरों और धार्मिक स्थलों में तोड़ फोड़ की जानकारी मिली है। उन्होंने अल्पसंख्यकों को हर संभव मदद देने का एलान किया है। हौसेन ने सभी उपायुक्तों को क्षतिग्रस्त हुए स्थलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित परिवारों से मिले मोहम्मद यूनुस
मंगलवार को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पीड़ित अल्पसंख्यक परिवारों से मुलाकात की। यूनुस ने सभी को आश्वासन दिया है कि अल्पसंख्यकों पर हमले करने वाले लोगों को सरकार सजा देगी। आपको बता दें कि 84 वर्षीय मोहम्मद यूनुस ने बीते गुरुवार को मुख्य सलाहकार का पद संभाला था। इसके बाद उन्होंने ढाकेश्वरी मंदिर का दौरा किया और लोगों से संयम बरतने का अनुरोध किया। यूनुस ने कहा, ‘अधिकार सभी के लिए बराबर हैं। हम सभी एक साथ हैं। कृपया हमारे बारे में कोई भी फैसला लेने से पहले संयम बरतें और हमारा सहयोग करें। अगर हम आपका साथ देने में विफल रहे तो हमारी आलोचना करें।’