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Bangladesh: बांग्लादेश में 50 फीसदी तक बढ़े ईंधन के दाम, 51 साल में सबसे बड़ी बढ़ोतरी, जानें क्या है वजह?

Sun, 07 Aug 2022 03:52 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बांग्लादेश सरकार ने ईंधन के दामों में यह वृद्धि शनिवार से करने का एलान किया। इससे पहले ही शुक्रवार रात को लोग ईंधन खरीद के लिए पेट्रोल पंपों के बाहर जुट गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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बांग्लादेश में ईंधन के दाम में एक ही बार में 50 फीसदी की भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई है। यह इस देश के 1971 से लेकर अब तक के इतिहास में सबसे बड़ी वृद्धि है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सरकार की तरफ से अचानक ईंधन की कीमत इस हद तक बढ़ाए जाने के बाद आम जनता ने नाराजगी जाहिर की है।
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सोशल मीडिया पर साझा हुए कुछ वीडियोज में जनता को पेट्रोल पंपों के बाहर लाइन में खड़े देखा जा सकता है। बताया गया है कि बांग्लादेश सरकार ने ईंधन के दामों में यह वृद्धि शनिवार से करने का एलान किया। इससे पहले ही शुक्रवार रात को लोग ईंधन खरीद के लिए पेट्रोल पंपों के बाहर जुट गए।

पेट्रोल कंपनियों को हुआ अरबों का नुकसान

ढाका के मोहम्मदपुर, अगरगांव, मलिबाग और अन्य इलाकों में पेट्रोल पंपों पर इतनी भीड़ जुट गई कि वहां सप्लाई में ही बाधा पैदा हो गई। इसके बाद देर रात पंपों पर सप्लाई फिर से चालू की जा सकी। हालांकि, पेट्रोल की कीमतें रात 12 बजे के बाद 51.7 फीसदी बढ़ गईं। 

बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अब देश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 135 टका तक होगी, जो कि 89 टका की पिछली कीमत के मुकाबले 51.7 फीसदी तक ज्यादा है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने बयान जारी कर कहा कि उसे फरवरी से जुलाई के बीच तेल के कम दामों की वजह से उसे 8014.51 करोड़ का नुकसान हुआ था। 
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क्यों दुनियाभर में बढ़ रहे तेल के दाम?

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया में ईंधन के दामों पर असर पड़ा है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक है। लेकिन पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से मॉस्को से तेल निर्यात में काफी कमी आई है। इसके अलावा पश्चिमी एशिया के तेल निर्माता ओपेक देशों ने भी ईंधन उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं की है, जिसकी वजह से वैश्विक स्तर पर तेल के दाम काफी ज्यादा हैं। 
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