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बांग्लादेश : अदालत ने आफीन दीपन हत्याकांड में 8 लोगों को सुनाई मौत की सजा, 2015 में की गई थी हत्या

Thu, 11 Feb 2021 02:15 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
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बांग्लादेश की अदालत - फोटो : सोशल मीडिया
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बांग्लादेश में आतंकवाद-रोधी एक विशेष अदालत ने धर्मनिरपेक्षता और नास्तिकता संबंधी पुस्तकों के एक प्रकाशक की हत्या मामले में एक बर्खास्त सैन्य अधिकारी समेत 8 इस्लामी चरमपंथियों को बुधवार को मौत की सजा सुनाई। 

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धर्मनिरपेक्ष पुस्तकों के प्रकाशक आरफिन दीपन की 2015 में हुई थी हत्या
जागृति पब्लिशर्स के मालिक आरफिन दीपन की उनके ढाका स्थित शाहबाग इलाके के कार्यालय में 31 नवंबर, 2015 में हत्या कर दी गई थी। बता दें दीपन ने साल 2015 में कई नास्तिक पुस्तकों का विमोचन किया था। इससे कुछ कट्टरपंथी काफी खफा हो गए और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। 

आतंकवाद रोधी विशेष अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद मोजीबुर रहमान ने आठ दोषियों को यह सजा सुनाई। ये सभी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अंसार अल इस्लाम से संबद्ध हैं, जिसे अंसारूल्ला बांग्ला टीम के नाम से भी जाना जाता है। दोषियों में छह लोग अदालत में मौजूद थे।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह दलील दी गई कि बर्खास्त मेजर जियाउल हक हत्या की घटना का सरगना था, लेकिन वह एक अन्य दोषी के साथ फरार है। न्यायाधीश ने कहा, दोषियों को फांसी दी जाएगी। दीपन बांग्लादेशी मूल के अमेरिकी लेखक एवं ब्लॉगर अविजीत रॉय की पुस्तकों के प्रकाशक थे, उनकी भी उसी साल हत्या कर दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सभी आरोपियों के संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अंसार अल इस्लाम से हैं, जिसे अंसारुल्ला बांग्ला टीम के नाम से भी जाना जाता है। सुनवाई के दौरान दोषियों में छह लोग अदालत में उपस्थित थे। इसके अलावा बाकि के दो आरोपी कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इनमें हत्या का मास्टरमाइंड और सेना से निष्काषित सैयद जियाउल हक शामिल है। हक पर पहले भी कई हत्याओं का आरोप लग चुका है।

बता दें कई मुस्लिम बहुल देशों की तरह बांग्लादेश में भी माहौल खराब होता जा रहा है। यहां धार्मिक कट्टरपंथी और धर्मनिरपेक्षतावादी लोगों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। धार्मिक कट्टरपंथी हर हाल में सत्ता हथियाने में लगे हुए हैं और धर्मनिरपेक्ष लोगों का एक धड़ा इसे रोकने में लगा हुआ है। इसे लेकर आए दिन हिंसा होती रहती है, जिस कारण आम जीवन बुरी तरह से प्रभावित होता रहता है। 
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