संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने 35 मिनट से अधिक समय के संबोधन में हालिया छात्र आंदोलन की सराहना की। उन्होंने वैश्विक समुदाय से 'नए बांग्लादेश' के साथ जुड़ने का आह्वान किया और कहा कि उनका मकसद सभी के लिए स्वतंत्रता और लोकतंत्र को साकार करना है। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर में यूनुस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। आक्रोशित लोगों ने उन्हें नरसंहार का दोषी करार दिया। उनसे इस्तीफे की मांग भी की गई।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर देश की तरफ से अपनी बात रखी। उन्होंने शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने वाले बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के लिए अपने देशवासियों की सराहना की। उन्होंने युवाओं के भीतर आक्रोश को रेखांकित किया और कहा कि जेन-जी ने देश को उन मूल्यों पर विचार करने के लिए मजबूर किया है, जिनके आधार पर 1971 में बांग्लादेश का गठन हुआ है। यूनुस ने उम्मीद जताई कि सामूहिक संकल्प ही 'भविष्य के बांग्लादेश' को परिभाषित करेगा।
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अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता सड़कों पर उतरी
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुए विद्रोह का मकसद शुरू में भेदभाव को समाप्त करना था। धीरे-धीरे, आंदोलन जन आंदोलन में बदल गया। दुनिया ने देखा कि कैसे देश की जनता ने सड़कों पर उतरने के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों से भी निरंकुशता, उत्पीड़न, भेदभाव, अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
शेख हसीना के कार्यकाल पर टिप्पणी, UNGA के बाहर विरोध और नारेबाजी
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासन को 'निरंकुश' और 'अलोकतांत्रिक' करार दिया। यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश की जनता, विशेष रूप से युवाओं ने एक असाधारण संकल्प के साथ निरंकुश, अलोकतांत्रिक शासन से स्वतंत्रता दिलाई। खास बात यह भी रही कि यूनुस के संबोधन के समय संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी भी हुई। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हम UNGA के बाहर विरोध करने के लिए इसलिए एकत्र हुए हैं क्योंकि यूनुस निर्वाचित नहीं हैं। वे संवैधानिक रूप से संचालित बांग्लादेश का पक्ष पेश कर रहे हैं। उन्हें (यूनुस) बांग्लादेश के 170 मिलियन लोगों की ओर से बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
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यूनुस का दावा- बांग्लादेश में सुनियोजित था छात्र आंदोलन
इससे पहले यूनुस ने एक अन्य कार्यक्रम में बांग्लादेश में हाल के विरोध प्रदर्शनों के पीछे के 'मास्टरमाइंड' को लेकर बड़ा खुलासा किया। मुहम्मद यूनुस ने अमेरिका में उस शख्स का नाम बताया, जिसने शेख हसीना के खिलाफ 'सुनियोजित' विरोध प्रदर्शन खड़ा किया। जिसके चले पूर्व पीएम को देश छोड़कर जाना पड़ा। क्लिंटन ग्लोबल इनिशिएटिव की वार्षिक बैठक में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता यूनुस ने कहा कि, तत्कालीन प्रधानमंत्री हसीना और उनकी अवामी लीग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन योजनाबद्ध थे। उन्होंने कहा कि, शेख हसीना के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का मास्टरमाइंड महफूज आलम था। यूनुस ने इवेंट के दौरान अपने संबोधन में महफूज की जमकर तारीफ भी की।