पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के उद्घाटन भाषण में एंटोनियो गुटेरस ने म्यांमार को अफगानिस्तान और इथियोपिया जैसे राष्ट्रों के साथ तुलना कर परिभाषित किया। म्यांमार में आठ महीने पहले सेना के सत्ता पर काबिज होने के बाद बढ़ती हिंसा की वजह से स्थिति लगातार बिगड़ी है। वहां एक खूनी संघर्ष की स्थिति बन गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के उद्घाटन भाषण में म्यांमार को अफगानिस्तान और इथियोपिया जैसे राष्ट्रों के साथ परिभाषित किया। ये ऐसे देश हैं, जहां शांति और स्थिरता एक दूर का सपना है।
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गुटेरस ने सैन्य शासित दक्षिण पूर्व एशिया के अशांत देश के लोगों के लिए लोकतंत्र, शांति, मानवाधिकारों और कानून का शासन बहाल करने में पूरा समर्थन देने की घोषणा की। देश में आठ महीने पहले सेना के सत्ता पर काबिज होने के बाद बढ़ती हिंसा की वजह से म्यांमार की स्थिति लगातार बिगड़ी है। वहां एक खूनी संघर्ष की स्थिति बन गई है।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र म्यामांर के शासकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि उन्हें चीन और रूस का समर्थन है। चीन और रूस म्यांमार के शीर्ष हथियार आपूर्तिकर्ताओं में से हैं, साथ ही साथ इसकी सत्तारूढ़ सेना के प्रति वैचारिक सहानुभूति रखते हैं। ये दोनों देश सुरक्षा परिषद के सदस्य हैं और हथियारों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाने के संयुक्त राष्ट्र के किसी भी प्रयास के खिलाफ ये दोनों देश निश्चित रूप से वीटो करेंगे।