बांग्लादेश हिंसा और राजनीतिक स्थिरता के बाद अब बाढ़ से जूझ रहा है। कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। राजनीतिक परिवर्तन के बाद नवगठित अंतरिम सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि, इन सबके बीच बांग्लादेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए ढाका विश्वविद्यालय के पास एक प्रसिद्ध खुले स्मारक स्थल पर स्थानीय बैंड और संगीतकारों को सुनने के लिए सैकड़ों लोग एकत्र हुए। बता दें, यह जगह सरकार विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र भी है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही कई नदियां
बांग्लादेश में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, खासकर पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में, इस वजह से कई शहरों और कस्बों के अलावा सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं। इससे बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है और संचार लाइन बाधित हो गई हैं। वहीं, प्रभावित जिलों में कोमिला, नोआखली और फेनी शामिल हैं।
राजू मेमोरियल में हुआ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम शुक्रवार रात को एक ट्रैफिक चौराहे पर स्थित राजू मेमोरियल में हुआ। बता दें, यहां बनी घुड़सवार मूर्ति हाल ही में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दर्शाने वाली तस्वीरों में एक बन गई है। राजू मेमोरियल में जहां मूर्ति को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था, वहीं मूर्ति के दोनों ओर बंगाली भाषा में नारे लिखे दो विशाल होर्डिंग्स लगे हुए थे।
लोगों की मदद का किया अनुरोध
एम्सी ने एलान किया कि संगीत कार्यक्रम बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए है। इस पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। लोगों से अनुरोध किया गया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए धन, दवा, कपड़े का योगदान करें। दर्शकों में अधिकतर युवा शामिल थे। इनमें ढाका विश्वविद्यालय के छात्र भी थे। कुछ ने बांग्लादेश का राष्ट्रीय ध्वज लहराया और कई अन्य ने अपने मोबाइल फोन कैमरों में पलों को कैद करने की कोशिश की।
एक बैंड ने बांग्ला रैप गीत भी गाए। गीत के बोल उन प्रदर्शनों पर थे, जिन्होंने पिछली सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
हिंसा वाली जगह पर कार्यक्रम
भीड़ का एक वर्ग मेमोरियल के सामने सड़क पर बैठ गया, जबकि अन्य लोग लकड़ी के एक अस्थायी बैरिकेड के चारों ओर खड़े थे, उनमें से बड़ी संख्या में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज पर थीम वाला एक हेडबैंड था, जो सरकार विरोधी प्रतिरोध का एक परिभाषित प्रतीक बन गया था। बता दें, पांच अगस्त को बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई थी, जिसके कारण शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर भारत जाना पड़ गया था।
मूसलाधार बारिश से बांग्लादेश में बाढ़ की स्थिति
बांग्लादेश में 200 से ज्यादा नदियां बहती हैं, जिनमें से 54 नदियां भारत से होकर गुजरती हैं। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण बाढ़ की मौजूदा स्थिति बनी है। मौसम विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि मूसलाधार बारिश के अलावा, उफनती नदियां, अल नीनो और जलवायु परिवर्तन की घटनाएं देश में व्यापक बाढ़ के लिए जिम्मेदार कारक हैं।
वहीं आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हम ढाका स्थित अपने नियंत्रण कक्ष से बाढ़ की स्थिति और राहत गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। स्थानीय मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, स्थिति विचित्र हो गई थी, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद स्थानीय सरकार के प्रतिनिधि या तो उपलब्ध नहीं थे या अपनी राजनीतिक संबद्धता के कारण भाग गए है।