बलूचिस्तान पाकिस्तान में ऐसा प्रांत है जहां प्राकृतिक संसाधन भरपूर मात्रा में हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना पर दमन के आरोप भी लग रहे हैं। पाकिस्तानी ,सुरक्षाबलों पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप भी लग रहा है। ताजा घटनाक्रम तुरबत में हो रहे विरोध-प्रदर्शन का है। खबरों के मुताबिक सुरक्षाबल स्थानीय लोगों को अगवा कर रहे हैं। सुरक्षाबलों पर लोगों को जबरन गायब करने के आरोप भी लग रहे हैं। पीड़ित परिवार लगातार तीसरे दिन धरना दे रहे हैं।
प्रियजनों का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार
बलूच यकजहती समिति- केच के मुताबिक पीड़ितों के परिवारों ने कहा, लगातार बारिश और भीषण ठंड के बावजूद पीड़ित परिवारों के लोग धरना दे रहे हैं। अधिकारी इस मामले की अनदेखी कर रहे हैं। केच की तरफ से सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को अपने प्रियजनों की तस्वीरें पकड़े हुए देखा जा सकता है।
नरसंहार रोकने की अपील
आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स के हैंडल- @BYCKech पर जारी बयान में पीड़ित परिवार के सदस्यों ने दो टूक संदेश दिया। इन्होंने कहा कि उनके बच्चों और परिजनों के सकुशल घर पहुंचने तक इनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नरसंहार रोकने की अपील करते हुए हैशटैग- स्टॉप बलोच जेनोसाइड (#StopBalochGenocide) भी लिखा।
बाइडन से तत्काल दखल देने की मांग
इससे पहले बलूच अमेरिकी कांग्रेस (बीएसी) ने 30 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को पत्र लिखा। बीएसी ने बाइडन से बलूच लोगों को न्याय दिलाने में मदद की अपील की है। संगठन ने बलूचिस्तान में लोगों को जबरन गायब किए जाने, हिरासत में हत्याओं पर चिंता जताई है।
बलूचिस्तान पर तत्काल ध्यान देने की अपील
पत्र में उन्होंने कहा, पिछले छह महीनों में बलूचिस्तान के लोगं को गायब करने और समाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में शामिल लोगों की हत्या की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है। बाइडन से बलूचिस्तान की स्थिति पर तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है।