आयरलैंड उन देशों में है, जहां कॉरपोरेट टैक्स की दर 12.5 फीसदी से कम है। इस कारण दुनिया की कई बड़ी बहुराष्ट्रीय टेक और दवा कंपनियों ने अपने मुख्यालय वहां दर्ज करा रखे हैं। इन कंपनियों का वहां से कारोबार करना आयरलैंड की अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा सहारा है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि अपनी कम टैक्स दर के कारण आयरलैंड कंपनियों को उनके अपने मूल देशों में टैक्स चोरी करने का मौका देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस हफ्ते पैंडोरा पेपर्स के जारी होने से टैक्स चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उससे देशों पर इसे रोकने के लिए कदम उठाने का दबाव बढ़ा है। संभावना है कि ओईसीडी शुक्रवार को यह एलान करेगा कि 15 फीसदी न्यूनतम कॉरपोरेट टैक्स की नई व्यवस्था 2023 से लागू हो जाएगी। बताया जाता है कि नए समझौते में ये प्रावधान होगा कि कंपनी जिस देश में मुनाफा कमाएगी, उसे वहां टैक्स चुकाना होगा। अभी वो उस देश में टैक्स चुकाती है, जहां उसका मुख्यालय रजिस्टर्ड होता है।
बताया जाता है कि अभी नई व्यवस्था को लेकर कई बड़े देशों का एतराज कायम है। उनमें भारत, चीन और अर्जेंटीना शामिल हैं। इनका कहना है कि नई व्यवस्था के तहत सीमित सुधार किए जा रहे हैं, जो लंबी अवधि तक कारगर नहीं बने रह पाएंगे।