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West Bank: वेस्ट बैंक की जमीन पर तीन दशक बाद सबसे बड़े कब्जे को इस्राइल ने दी मंजूरी, बसाएगा यहूदी बस्तियां

Wed, 03 Jul 2024 07:11 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

West Bank: इस्राइली समूह 'पीस नाउ' ने बुधवार को बताया कि अधिकारियों ने हाल ही में जॉर्डन घाटी में 12.7 वर्ग किलोमीटर (करीब पांच वर्ग मील) जमीन पर कब्जे को मंजूरी दी। 
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वेस्ट बैंक का बेथलहम शहर (फाइल) - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
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विस्तार
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इस्राइल ने तीन दशक से ज्यादा समय बाद वेस्ट बैंक की जमीन पर सबसे बड़े कब्जे को मंजूरी दी है। कब्जे वाले क्षेत्र में अवैध बस्तियों की निगरानी करने वाले एक समूह ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

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इस्राइली समूह 'पीस नाउ' ने बुधवार को कहा, "अधिकारियों ने हाल ही में जॉर्डन घाटी में 12.7 वर्ग किलोमीटर (करीब पांच वर्ग मील) जमीन पर कब्जे को मंजूरी दी।" इस समूह के आंकड़ों से पता चलता है कि यह 1993 के ओस्लो समझौते के बाद जमीन पर सबसे बड़े कब्जे को दी गई मंजूरी है।

कब्जे को मंजूरी मिलने के बाद बदतर हो सकती है स्थिति
गाजा पट्टी में इस्राइली बलों और हमास के बीच बीते आठ महीनों से जंग जारी है। वेस्ट बैंक में फलस्तीन की जमीन पर सबसे बड़े कब्जे को मंजूरी मिलने के बाद इलाके में तनाव बढ़ सकता है। स्थिति और भी बदतर हो सकती है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से वेस्ट बैंक में भी हिंसा बढ़ी है। इस्राइल गाजा पट्टी में अपनी सैन्य कार्रवाई अब भी जारी रखे हुए है। 
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फरवरी और मार्च में भी जमीन पर कब्जे को दी थी मंजूरी
जमीन पर कब्जे को पिछले महीने के अंत में मंजूरी दी गई। लेकिन इसके बारे में जानकारी बुधवार को प्रचारित की गई। इससे पहले इस्राइल ने मार्च के महीने में वेस्ट बैंक में 8 वर्ग किलोमीटर (करीब तीन वर्ग मील) और फरवरी में 2.6 वर्ग किलोमीटर (1 वर्ग मील) जमीन के कब्जे को मंजूरी दी थी। 

इस्राइली नागरिकों को पट्टे पर मिल सकेगी जमीन
पीस नाउ ने बताया कि साल 2024 में वेस्ट बैंक की जमीन पर सबसे बड़े कब्जे को मंजूरी गई है। वेस्ट बैंक का रामाल्लाह शहर फलस्तीनी प्राधिकरण का मुख्यालय है। इस्राइली सरकार ने इस शहर के पूर्वोत्तर में स्थित भूमि को राज्य की जमीन घोषित किया है और इसे इस्राइली नागरिकों को पट्टे पर देने का रास्ता खोल दिया है। साथ ही यहां फलस्तीनियों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

स्थायी शांति समझौते में अवैध बस्तियां सबसे बड़ी बाधा
फलस्तीनी लोग कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार को किसी भी स्थायी शांति समझौते के लिए सबसे बड़ी बाधा मानते हैं। दुनिया के ज्यादातर देश भी इन बस्तियों को अवैध मानते हैं। 

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