Pakistan: पाकिस्तान की सीनेट में आगामी आम चुनाव में तय समय से देरी कराने की मांग वाला प्रस्ताव पेश किया गया। यह प्रस्ताव एक निर्दलीय सांसद की ओर से पेश किया गया है। इससे दो दिन पहले भी इसी तरह का प्रस्ताव उच्च सदन में पेश किया गया था।
पाकिस्तान की संसद के उच्च सदन में रविवार को एक प्रस्ताव पेश किया गया। जिसमें आम चुनाव को तय समय से देरी से कराने की मांग की गई। इससे दो दिन पहले भी सीनेट में इसी तरह का प्रस्ताव लाया गया था। चुनाव आयोग के मुताबिक, देश में आठ फरवरी को संसदीय चुनाव होने हैं।
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एक प्रमुख पाकिस्तानी समाचार चैनल की खबर के मुताबिक, सीनेट में पेश किया जाने वाला यह अपनी तरह का तीसरा प्रस्ताव है। इसमें ठंड के मौसम और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए चुनाव को स्थगित करने की मांग की गई है।
प्रस्ताव निर्दलीय सीनेटर हिलाल-उर-रहमान की ओर से पेश किया गया। इसमें कहा गया है कि अत्यधिक ठंड और बर्फबारी से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोगों के लिए वोट डालने में मुश्किलें पैदा होंगी। इसके साथ ही चुनाव प्रचार कर रहे उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें होंगी। इसमें आगे कहा गया, इसी तरह उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान आतंकवादी हमलों के खतरों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा में।
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एक पाकिस्तानी अखबार की खबर के मुताबिक, प्रस्ताव में कहा गया है कि सुरक्षा का मुद्दा मुश्किलें पैदा कर रहा है। यह उम्मीदवारों की उनके प्रचार अभियानों में भागीदारी को कम कर रहा है। खबर के मुताबिक, प्रस्ताव में कहा गया है कि लोगों में चुनाव प्रक्रिया से बाहर रहने का डर है। इसलिए, आम चुनाव के घोषित तारीख उपयुक्त नहीं है।
इसमें चुनाव आयोग (ईसीपी) से सभी हितधारकों के लिए एक स्वीकार्य तारीख तक चुनाव टालने का अनुरोध किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है, इससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में भी मदद मिलेगी। इससे दो दिन पहले निर्दलीय उम्मीदवार हिदायत उल्लाह ने भी इसी तरह का प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें आम चुनाव में तीन महीने की देरी कराने की मांग की गई थी। उल्लाह ने आतंकी हमलों के मद्देनजर सुरक्षा चिंताओं का भी हवाला दिया था।