Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर अब 33 मुकदमे दर्ज हो गए हैं, जिनमें 27 हत्या के, चार मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के और एक अपहरण का मामला शामिल है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 86 अन्य के खिलाफ सिलहट शहर में एक जुलूस पर हमला करने के मामले में बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। चार अगस्त को देश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोग गोली लगने से घायल हो गए थे। शेख हसीना ने देश में हिंसक प्रदर्शनों के बीच इस्तीफा दे दिया था और तब से अबतक उनके खिलाफ कुल 33 मामले दर्ज किए गए हैं।
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शेख हसीना की बहन शेख रेहाना भी आरोपी
जातीयतावादी छात्र दल की सिलहट शहर इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष जुबेर अहमद ने सिलहट मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमन भुइया की अदालत में मामला दर्ज कराया। इसमें शेख हसीना की बहन शेख रेहाना को भी आरोपी बनाया गया है। एक स्थानीय अखबार ने मामले के विवरण के हवाले ये खबर दी कि आरोपियों ने चार अगस्त को सिलहट शहर के बंदरबाजार क्षेत्र में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी)और उसके सहयोगी संगठनों की तरफ से आयोजित एक शांतिपूर्ण रैली पर हमला किया, जिसमें कई लोगों को गोली लगी और वो सभी घायल हो गए।
पूर्व पीएम पर अब तक कुल 33 केस दर्ज
खबर के मुताबिक, अवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री अब्दुल कादर, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान, पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद, पूर्व कानून मंत्री अनीसुर रहमान और प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार सलमान एफ रहमान समेत अन्य लोगों को भी इसमें नामजद किया गया है। अखबार के मुताबिक, इस मामले के साथ ही शेख हसीना पर अब 33 मुकदमे दर्ज हो गए हैं, जिनमें 27 हत्या के, चार मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के तथा एक अपहरण का मामला शामिल है।
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हसीना के खिलाफ ICT में मुकदमा चलाएगी सरकार
बांग्लादेश में फिलहाल अंतरिम सरकार बनाई गई है और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को इसका मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ हाल ही में हुए छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में मुकदमा चलाएगी।
बांग्लादेश में अब तक 600 से ज्यादा लोगों की मौत
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश भर में भड़की हिंसा की घटनाओं में बांग्लादेश में 230 से अधिक लोग मारे गए, जिससे सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ जुलाई के मध्य में छात्रों की तरफ से शुरू किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई।