मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल
ईरान में नवंबर माह में हुए विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ की गई तीन दिन की कार्रवाई में कम से कम 304 लोगों की जान गई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मृतकों की इस नई संख्या की जानकारी सोमवार को दी। अधिकारों के लिए काम करने वाले इस समूह ने पहले 208 मौतों का अनुमान जताया था जिनमें 15 और 17 वर्ष के दो नाबालिग भी शामिल थे।
ईरान ने इन आंकड़ों को ‘पूरी तरह झूठ’ बता कर खारिज किया है। एमनेस्टी ने कहा कि उसने ‘खौफनाक गवाहियां’ एकत्रित कीं जो दर्शाती हैं कि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के ‘हत्याकांड’ के बाद, इन मौतों पर पर्दा डालने के लिए ‘बड़े पैमाने पर कड़े प्रतिबंध’ लगाने की योजना बनाई।
लंदन से संचालित इस निगरानी संस्था ने कहा, ‘ईरानी अधिकारियों ने 15 नवंबर को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन शुरू होने के बाद प्रदर्शनकारियों पर क्रूरतम कार्रवाई की।'
'एमनेस्टी ने कहा, ‘हजारों प्रदर्शनकारियों के साथ ही मानवाधिकारों के रक्षकों, पत्रकारों और छात्रों’ को गिरफ्तार किया गया, ताकि ईरान की दमनकारी कार्रवाई के बारे में बोलने से उन्हें रोका जा सके। बता दें कि ईरान में ये राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन ईंधन की कीमतों में अचानक से हुई बढ़ोतरी के कारण शुरू हुए थे।