अमेरिका में इन दिनों राष्ट्रपति के सबसे खर्चीले और विवादास्पद चुनाव का रिकॉर्ड बनने की चर्चाएं गर्म हैं। नवंबर में होने वाले चुनाव में सात खरब रुपये के खर्च का अनुमान है, जो पिछले चुनाव से कई गुना ज्यादा है। इस बार विवादास्पद बयान देने वाले डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के बीच मुकाबला लगभग तय है। विषमताओं से भरा ऐसा चुनाव आज तक अमेरिका ने नहीं देखा है क्योंकि 227 वर्ष के इतिहास में यहां कोई महिला राष्ट्रपति नहीं बनी है और ट्रंप जैसे अतिवादी व्यक्तित्व के राष्ट्रपति तो दूर, इस पद का उम्मीदवार बन सकने तक की कल्पना लोगों को नहीं थी। ऐसे में परिणाम जो भी हो, नया रिकॉर्ड बनना तय है।
रिपब्लिकन पार्टी की ओर से ट्रंप संभावित उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं। अब जुलाई में इसकी घोषणा औपचारिकता भर होगी। डेमोक्रेटिक पार्टी में भी हिलेरी क्लिंटन आगे चल रही हैं। इस चुनाव में तीन ‘एम’ यानी मनी, मीडिया और मेल डॉमिनेंस की भूमिका अहम है। भारत में जिस तरह जातिगत भावना प्रबल है, उसी तरह यहां महिलाओं के खिलाफ धारणाएं पाली जाती हैं। अमेरिका का जनमानस राष्ट्रपति को सेना के कमांडर के रूप में देखता है, जिसकी यहां एक महिला से अपेक्षा नहीं की जाती।
महिलाओं के हर क्षेत्र में अग्रणी होने के बाद भी अमेरिका राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में 75वें स्थान पर है। हालांकि इस बार हिलेरी मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करने में कामयाब हुई हैं। दूसरी तरफ, अपने बयानों से ट्रंप भारत समेत अन्य एशियाई और अप्रवासियों की आंख की किरकिरी बने हुए हैं, लेकिन अमेरिका का एक बहुत बड़ा वर्ग खासकर गोरे और धनाढ्य लोग उनके समर्थक हैं। रिपब्लिकन दावेदार के लिए यह भी बड़ी राहत है कि उनका विरोध करने वाले एशियाई आप्रवासी वोट देने में सबसे पीछे हैं और समर्थक वर्ग सबसे आगे। ट्रंप के पक्ष में उनका अमीर और सेलेब्रिटी होना भी है। ऐसे में तीन एम का फार्मूला पूरी तरह ट्रंप के पक्ष में नजर आता है। अब देखना है कि इस बार अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी पर हिलेरी बैठती हैं या ट्रंप।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की कुछ खास बातें
सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उम्मीदवारों को कोई फर्म असीमित चंदा दे सकती है। गुप्त रूप से भी चंदा दिया जा सकता है। इससे चुनाव में धनबल का प्रयोग बहुत बढ़ गया है। यह चुनाव परोक्ष न होकर अपरोक्ष है। मतदाता प्रेजिडेंशियल इलेक्टर्स को चुनते हैं, जो कि राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। वर्तमान में प्रेजिडेंट इलेक्टर्स 538 हैं और चुनाव जीतने का जादुई आंकड़ा 270 है, जो कि भारत के ही जादुई आंकडे़ के बराबर है। यहां आम चुनाव हमेशा नवंबर के पहले सोमवार के बाद वाले मंगलवार को होता है। इसे सुपर ट्यूजडे कहा जाता है। विजयी उम्मीदवार अगले वर्ष 20 जनवरी को पद ग्रहण करता है।