अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्यों के वीटो पॉवर में किसी भी बदलाव या विस्तार का विरोध किया है। हालांकि उसने विश्व संस्था के 15 सदस्यीय शीर्ष मंडल में ‘मामूली विस्तार’ का समर्थन किया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा मानना है कि परिषद में किए गए सुधार 21वीं सदी की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने वाले होने चाहिए और इस सदी की चुनौतियों का समना करने में भी सक्षम होने चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के विचार में अमेरिका का सैद्धांतिक नजरिया खुला है। इसमें सुरक्षा परिषद का ‘मामूली विस्तार’ शामिल है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के स्थाई सदस्यों के वीटो पॉवर में किसी भी ‘बदलाव या विस्तार’ के खिलाफ है।
प्रवक्ता से आईसीजे चुनाव के दौरान महासभा और सुरक्षा परिषद के बीच उत्पन्न हुए मतभेदों के मद्देनजर यूएनएससी में सुधार को लेकर सवाल किया गया था। बता दें कि भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई और अस्थाई सदस्यता में एक तात्कालिक विस्तार की जरूरत बता चुकी हैं।