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जिहादी तालीम देने वाले 600 मदरसों को बंद करे पाकिस्तान: अमेरिकी सांसद

Fri, 03 Mar 2017 08:45 PM IST
amarujala.com- presented by: हर्षित गौतम
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अमेरिका के प्रभावशाली सांसद एड रॉयस ने पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैय्यबा जैसे आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई करने और देश में जिहादी तालीम देने वाले 600 देवबंदी मदरसों को बंद करने पर गंभीरता से सोचने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ और ट्रंप प्रशासन को लगता है कि इन स्कूलों में आतंकवादियों के लिए जमीन तैयार की जा रही है।
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सांसद एड रॉयस अमेरिका की प्रभावशाली विदेशी संबंध समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने वाशिंगटन स्थित यूएस कैपिटोल में नई दिल्ली के थिंक-टैंक ‘विवेकानंद इंटनेशनल फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘मेरे विचार में, पाकिस्तान को देवबंदी मदरसों को बंद करने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।

ऐसे करीब 600 मदरसे हैं जो लोगों को बरगलाते हैं और ये लोग या तो जिहाद के पक्ष में दलीलें देते रहते हैं या जिहाद करते हैं।’ उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में जिहादी सोच का प्रशिक्षण दिया जाता है वहां आतंकवादी तैयार होने की आशंका बढ़ जाती है।
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लश्कर-ए-तैयबा जैसे समूहों पर कार्रवाई की जरूरत

- फोटो : social media
अमेरिकी विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष ने कहा कि ‘पाक को लश्कर-ए-तैय्यबा जैसे समूहों पर कार्रवाई करने के साथ ऐसे परिसरों को भी बंद करने की आवश्यकता है।

पाकिस्तान को यह समझना होगा कि यदि वह आतंकवादी हमलों के दोषियों को न्याय के कटघरे में नहीं ला पाता है तो उसे ऐसे दोषी को ‘हेग’ को सौंप देना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण में उनके खिलाफ सुनवाई हो सके।’

भारत एवं भारतीय अमेरिकियों पर कांग्रेशनल कॉकस के संस्थापक सदस्य रॉयस ने कहा कि कांग्रेस और नया प्रशासन कुछ नए मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
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भारत के साथ कारोबारी समझौते की जरूरत है

होम फॉरेन रिलेशंस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि - ‘भारत-अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर के कारोबार का अनुमान है। इस दिशा में हम नीतियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अत: अमेरिका को भारत के साथ एक प्रभावी द्विपक्षीय कारोबारी समझौते की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि ‘भारतीय मूल की अमेरिकी आबादी की आधी संख्या स्नातकोत्तर डिग्री रखती है और हम जानते हैं कि भारतवंशियों का भविष्य बेहद उज्जवल है।’

भारत-अमेरिका को आजादी के मूल्यों पर नीतियां बनानी चाहिए
एड रॉयस ने कहा कि भारत और अमेरिका को ‘कानून के नियम, लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और अपने धर्म का पालने करने की आजादी के बुनियादी मूल्यों’ पर अपनी नीतियां बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का नौंवा सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है।

उन्होंने कहा कि बीते कई वर्षों में आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ा है और बीते एक दशक में रक्षा संबंधों में भी मजबूती आई है। यह काफी अच्छा है।
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