विदेशी कामगारों और विदेशों में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इस दिशा में एक और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है।
खास बात ये है कि ट्रंप प्रशासन के इस कदम का सबसे बड़ा खामियाजा भारतीय कंपनियों को ही उठाना पड़ सकता है जहां से अमेरिकी कंपनियां भारी संख्या में जॉब्स की आउटसोर्सिंग करती हैं। इसकी रोकथाम के लिए गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस में एक पुराने बिल को दोबारा पेश किया गया जो विदेशों में अपने कॉल सेंटर स्थापित करने वाली अमेरिकी कंपनियों पर लगाम कसता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार गुरुवार को डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद गेने ग्रीन और रिपब्लिकन सांसद डेविड मैकिनली की ओर से 'यूएस कॉल सेंटर एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट' शीर्षक वाले बिल को अमेरिकी संसद में पेश किया गया।