22 साल की रीम दाद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मदीना का वर्चुअल रियलिटी टूर बना रही है। यह हज करने वाले पर्यटकों के लिए होगा। वहीं दूसरी ओर 37 साल की हेबा जाहिद ग्रीनडेजर्ट से जुड़ी हैं। यह वेंचर मध्यपूर्वीय देश में पहली बार रिसाइक्लिंग की संस्कृति विकसित कर रहा है। बता दें कि दाद और जाहिद उन 14 महिला आंत्रप्रेन्योर में से हैं जिन्होंने वॉशिंगटन स्थित बिजनेस इंक्यूबेटर हेलक्योन द्वारा आयोजित प्रोग्राम में भागीदारी की।
मालूम हो कि इंक्यूबेटर वह प्लेटफॉर्म होता है जहां पर उभरते आंत्रप्रेन्योर्स के आइडिया को वास्तविकता में बदलने के लिए अनुकूल माहौल व जरूरी मदद मुहैया करवाते हैं। इससे उन लोगों को सहूलियत होगी जो लोग मदीना नहीं जा सकते। वे कहीं से भी इसे देख सकेंगे। दाद ने बताया कि सऊदी में अब सबकुछ बदल रहा है। यहां पर महिलाओं को हर जगह तवज्जो मिल रही है। इनके अलावा प्रोग्राम में ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को बोलने में मदद करने वाला एप (अरबी भाषा में), नियोक्ता व वर्करों को मिलाने वाला प्लेटफॉर्म जैसे प्रोजेक्ट भी थे। 22 साल की आसमां अब्दुल्ला ने पोकेमॉन जैसा ऑगमेंटेड रियलिटी गेम बिट गो बनाया। जो युवाओं को सामाजिक काम करने के लिए प्रेरित करता है।
दो हफ्ते के इस प्रोग्राम में महिला आंत्रप्रेन्योर्स ने बिजनेस आइडिया को ट्यून करने के साथ रणनीतिक नेटवर्क तैयार किए और बिजसेन स्किल से जुड़ी वर्कशॉप में शामिल हुईं। इन्हें अमेजन वेब सर्विस और डेलॉय व कई स्टार्टअप कंसल्टंट से जरूरी सलाह भी मिली। इन प्रोजेक्ट्स को 150 निवेशकों, परोपकारियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों व दूतावास प्रतिनिधियों के सामने भी पेश किया गया।
हेलक्योन इंक्यूबेटर की ओर से अब तक 61 वेंचर को फैलोशिप दी गई है। इससे 6.75 लाख लोगों को फायदा मिल चुका है। इसकी शुरुआत 2014 में नॉन प्रॉफिट संगठन के रूप में हुई थी। हेलक्योन में इंटरनेशनल प्रोग्राम्स के डायरेक्टर जोश मंडेल बताते हैं कि सऊदी में बिजनेस के क्षेत्र में महिलाओं को कभी ऐसे मौके नहीं मिले। इसकी खासियत यह है कि इसमें सभी फाउंडर्स महिलाएं थीं। हम चाहते हैं कि ये महिलाएं सऊदी जाकर न सिर्फ अपने क्षेत्र में बल्कि पूरे देश में लीडर के तौर पर स्थापित हों।