फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अब फर्जी खबरें फैलाना संभव नहीं रह जाएगा। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा वेब आधारित टूल विकसित किया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की जाने वाली फर्जी खबरों की निगरानी करेगा।
यह टूल इफ्फी क्वोशंट का प्रयोग करता है। इफ्फी क्वोशंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद शीर्ष 5000 यूआरएल की जांच की। यह यूआरएल की पहचान के बाद उन्हें निर्धारित कैटेगरी में बांटकर वर्गीकृत कर देता है। इससे उनकी निगरानी आसान हो जाती है।