पनामा के पूर्व तानाशाह मैनुअल अंटोनियो नोरीगा का 83 साल की उम्र में निधन हो गया है। अमेरिका ने 1989 में पनामा पर आक्रमण कर नोरीगा की तानाशाही का अंक किया था। बताया जा रहा है कि अस्पताल में बेन ट्यूमर से लड़ते वक्त पनाना ने आखिरी सांस ली।
पनामा के राष्ट्रपति जॉन कर्लोस वरेला ने ट्विटर के जरिए नोरीगा की मौत की खबर की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनके बेटियों और परिवार को उन्हें शांति में दफनाने का अधिकार है। 1983 से 1989 के बीच पनामा पर शासन करने वाले नोरीगा ने ढाई दशक सलाखों के पीछे बिताया।
वो तब तक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की तबतक जासूसी करते रहे जब तक अमेरिका ने हमला करने उनकी भ्रष्ट सरकार और तानाशाही का अंतर नहीं कर दिया। नोरीगा को 1992 में सजा सुनाई गई थी, वो मौत के वक्त एक मर्डर के आरोप में सजा काट रहे थे।
ड्रग ट्रैफिकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दोषी पाए गए नोरीगा को पहले फ्लोरिडा जेल में रखा गया उसके बाद फ्रांस में और 2011 में उन्हों पनामा भेज दिया गया।