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...जब व्हाइट हाउस में ट्रंप के सामने डोवाल ने बचाई मोदी की इज्जत

Tue, 27 Jun 2017 08:05 PM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन
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Ajit dobhal - फोटो : pti
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देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शर्मिंदा होने से बचा लिया।
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दरअसल, हुआ यूं कि मीडिया के लिए तैयार किए गए बयान के कुछ पेज तेज हवा के झोंके से उड़ गए लेकिन उसी समय मुस्तैदी दिखाते हुए डोवाल ने उन्हें पकड़ लिया। रोज गार्डन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना भाषण पढ़ रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी उसे ध्यान से सुन रहे थे।

डोवाल, कुछ अन्य वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ पहली लाईन में बैठे थे। इस दौरान दो बार तेज हवा के झोंकों ने प्रधानमंत्री के पन्नों को उड़ा दिया मगर डोवाल ने फुर्ती से उन्हें पकड़ लिया और प्रधानमंत्री को सौंप दिया।
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आतंक के पनाहगारों का भी होगा खात्मा

डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी - फोटो : SELF
पीएम मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को चेतावनी दी और कहा कि अब आतंकवाद को पनाह देने वालों बख्‍शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के पनाहगारों का भी खात्मा किया जाएगा।

पीएम मोदी की इस चेतावनी का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी समर्थन करते हुए दिखे। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश एक-साथ हैं और दुनिया ने इस्लामिक आतंकवाद को खत्म करने की हर कोशिश की जाएगी। पाकिस्तान को संदेश देते हुए दोनों देशों ने कहा कि क्रॉस-बॉर्डर टेरर स्ट्राइक्स को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
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पठानकोट एयरबेस और दूसरे आतंकी हमलों का भी उठा मुद्दा

pm modi
इस बीच पठानकोट एयरबेस और दूसरे आतंकी हमलों  का मुद्दा भी उठा। दरअसल, पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है और ट्रंप के सामने ये मुद्दा उठने पर भारत ने पाक को इशारा दे दिया है ये मामला दबने वाला नहीं है।

अफगानिस्तान और भारत में दोस्ती से पाकिस्तान को दिक्कत रहती है और भारत कई बार अफगानी बॉर्डर पर होने वाले आतंकी हमलों के लिए उसे घेरता आया है। इससे पहले यूनाइटेड नेशन्स में भी भारत ने पाकिस्तान की किरकिरी की। यूएन में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंजेटिव अकबरुद्दीन ने सवाल उठाया था कि आखिर अफगानिस्तान पर छुपे बैठे आतंकी संगठनों को फंडिंग और हथियार कहां से मिलते हैं?
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