अमेरिका में हिंदू और सिख इस्लामोफोबिया (मुसलमानों के खिलाफ तर्कहीन भय या घृणा का पूर्वाग्रह) और जेनोफोबिया (दूसरे देशों के लोगों के खिलाफ नफरत की भावना) के शिकार हो रहे हैं। इसके मद्देनजर समुदाय के लोगों ने रविवार को व्हाइट हाउस के सामने घृणा अपराध के खिलाफ एक जागरूकता रैली निकाली।
भारतीय मूल के हिंदू और सिख समुदाय के लोग चाहते हैं कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मामले में दखल दें। व्हाइट हाउस के बाहर वर्जीनिया के एक कॉरपोरेट वकील विंध्य अदापा (27) ने कहा, ‘अमेरिका में इस्लामोफोबिया के चलते पिछले कुछ वर्षों में हिंदुओं को निशाना बनाया गया। इससे पूरा समुदाय प्रभावित हुआ है।’ इसके विरोध में विंध्य समेत दर्जनों भारतीय-अमेरिकियों ने ग्रेटर वाशिंगटन इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
एक युवा भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर एस शेषाद्रि ने कहा कि ताजा उदाहरण कंसास में हुई एक आईटी पेशेवर की हत्या है, जिसे एक अरब या मुस्लिम समझकर गोली मार दी गई। उन्होंने साफ कहा कि यह प्रदर्शन घृणा अपराध के खिलाफ है न कि ट्रंप प्रशासन के खिलाफ।