धरती पर जीवन ख़ात्मे के एक नए दौर में है, अमरीका के तीन विश्वविद्यालयों के अध्ययन में ये बात कही गई है। अध्ययन में कहा गया है कि सबसे पहले ख़त्म होने वाली प्रजातियों में मानव हो सकते हैं। स्टेनफ़र्ड, प्रिंसटन और बर्कले विश्वविद्यालयों के अध्ययन में ये भी कहा गया है कि रीढ़ की हड्डी वाले जानवरों के लुप्त होने की दर सामान्य से 114 गुना तेज़ है। इसी तरह के निष्कर्ष बीते साल ड्यूक विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में सामने आए थे।
'400 प्रजातियां लुप्त'
ताज़ा अध्ययन साइंस एडवांसेज़ जर्नल में छपा है। शोधकर्ताओं में से एक का कहना है, "हम अब लुप्त होने के छठे बड़े दौर में प्रवेश कर रहे हैं।" बड़े पैमाने पर प्रजातियों के लुप्त होने की आख़िरी ऐसी घटना साढ़े छह करोड़ साल पहले घटी थी। तब डायनोसॉर धरती से लुप्त हो गए थे।