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ट्रंप की वीजा नीति से भारतीय प्रोफेशनल्स को होगा फायदा, पर पैरेंट्स को नहीं ले जा सकेंगे साथ

Mon, 09 Oct 2017 10:35 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : File Photo
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक मेरिट पर आधारित आव्रजन प्रणाली का प्रस्ताव रखा है जिसका सबसे अधिक फायदा कुशल भारतीय कामगारों को मिल सकता है। हालांकि इस आव्रजन प्रणाली के कारण वे अपने परिवार को वहां नहीं ले जा पाएंगे। ट्रंप का कहना है कि यह योजना राष्ट्रीय हितों के अनुकूल है।
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डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कांग्रेस में इस प्रस्ताव को भेजा। हालांकि इसमें भारतीय व्यवसायियों द्वारा सबसे मांगे जाने वाले एच-1बी वीजा का कोई जिक्र नहीं है। ट्रंप के इस मांग की सूची में देश की ग्रीन-कार्ड में आमूल-चूल परिवर्तन करना, अकेले देश में प्रवेश करने वाले नाबालिगों पर रोक लगाने और दक्षिणी सीमा पर विवादित दीवार का निर्माण करना शामिल है।

 ट्रंप प्रशासन द्वारा मेरिट पर आधारित आव्रजन प्रणाली लागू करने से उच्च कुशल भारतीय प्रवासी लाभांवित होंगे जिसका सबसे अधिक फायदा आईटी क्षेत्र वालों को होगा। हालांकि नई नीति उन हजारों भारतीय-अमेरिकियों को बुरी तरह से प्रभावित करेगी जो अपने परिवार खासकर वृद्ध माता-पिता को अमेरिका लाना चाहते हैं। अपने पत्र में ट्रंप ने कांग्रेस से कहा कि प्राथमिकताएं सभी आव्रजन नीतियों के आमूल-चूल समीक्षा की है। उन्होंने यह भी तय करने को कहा है कि अमेरिका के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किन-किन कानूनों में बदलाव की जरूरत है।
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ट्रंप ने लिखा है कि इन सुधारों के बिना अवैध आव्रजन और सिलसिलेवार तरीके से हो रहा आव्रजन अमेरिका के श्रमिकों और करदाताओं पर हमेशा के लिए बड़ा बोझ बना रहेगा। ट्रंप ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह डीएसीए कार्यक्रम समाप्त कर रहे हैं लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि आव्रजकों की स्थिति बदले इससे पहले छह महीने के भीतर कांग्रेस एक नया कानून लेकर आए।

ड्रीमर्स को लेकर ट्रंप और डेमोक्रेट में तकरार
कई डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि इन नीतियों के कारण ‘ड्रीमर्स’ के नाम से लोकप्रिय युवा आव्रजकों की सुरक्षा के लिए चल रही वार्ता पटरी से उतर जाएगी। दरअसल बचपन में गैरकानूनी रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ‘डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स’ (डीएसीए) कार्यक्रम के तहत उन्हें निर्वासन से बचाकर यहां कानूनी रूप से काम करने का अधिकार दिया था। गौरतलब है कि ट्रंप ने इस कानून को पिछले महीने समाप्त करने की घोषणा की थी।
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