अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पार्कर सोलर प्रोब को सूरज के अत्यधिक तापमान से बचाने के लिए 8 फुट की उड़न तश्तरी बनाई है। एपीएल में मिशन प्रोजेक्ट साइंटिस्ट निकी फॉक्स ने बताया कि उनकी टीम ने इस रक्षा कवच को उड़न तश्तरी नाम दिया है। डेल्टा-IV रॉकेट इसी 72 मीटर लंबे और 15 मीटर चौड़े रॉकेट से पार्कर यान भेजा गया। इस रॉकेट को पार्कर के साथ जमीन से 230 फीट की ऊंचाई पर रखा गया था।
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इसे एक दशक की मेहनत के बाद बनाया जा सका है। यह 4.5 इंच मोटी कार्बन फोम की परत है। यान का जो हिस्सा सूरज की तरफ होगा उस पर सफेद सेरामिक पेंट की परत चढ़ाई गई है, ताकि यह सूरज की गर्मी को वापस भेज सके। 8 फुट चौड़ाई वाली इस सुरक्षा परत का वजन तकरीबन 73 किलोग्राम है। यह सूरज के भयंकर तापमान और पार्कर प्रोब के बीच मजबूती से बनी रहेगी।
भौतिकशास्त्री के नाम पर विमान का नाम
इस यान का नाम फिजिसिस्ट यूजीन न्यूमैन पार्कर के नाम पर रखा गया है। इन्होंने तारों द्वारा ऊर्जा संचारित करने की कई अवधारणाएं पेश की थीं। नासा के इस यान का नाम पहली बार किसी जीवित वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया है। 91 साल के पार्कर ने पिछले साल इस यान को देखा था, जिसके ऊपर उनके नाम का अंतिम हिस्सा अंकित है। इन्होंने 1958 में पहली बार अनुमान लगाया था कि सौर हवाएं होती हैं। आवेशित कणों और चुंबकीय क्षेत्रों की धारा होती हैं, जो सूर्य से निकलती रहती हैं। जब ये धाराएं तेजी से निकलती हैं, तो धरती पर उपग्रह लिंक प्रभावित होता है। ऐसा क्यों होता है, अब मिशन इस रहस्य से ही पर्दा उठाएगा।
नासा सूरज को छूने को तैयार है
नासा ने सूरज को छूने के अपने ऐतिहासिक मिशन को एक दिन के लिए टालने के बाद आखिर रविवार को रवाना कर दिया है। प्रक्षेपण से ठीक पहले हीलियम अलार्म बजने की वजह से शनिवार को लॉन्चिंग टाली गई थी। इस यान को डेल्टा-4 रॉकेट से केप कैनवरल स्टेशन से भेजा गया। 85 दिन बाद 5 नवंबर को यह सूर्य की कक्षा में पहुंचेगा। अगले 7 साल तक ये सूर्य के कोरोना के 24 चक्कर लगाएगा। यह दुनिया का पहला ऐसा मिशन है, जो सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा।
पार्कर 1400 डिग्री तापमान सहने में सक्षम और क्या है खासियत
पार्कर 724,000 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्कर लगाएगा। यह अब तक किसी यान की सबसे तेज रफ्तार होगी। यान की लंबाई 9 फीट 10 इंच है और वजन 612 किलो है। इसे बनाने में 10 हजार करोड़ रु. लगे। यान वैज्ञानिक पार्कर के नाम और उनकी की खोज को बढ़ाएगा। अगर सूर्य और पृथ्वी को एक मीटर स्टिक पर रखा जाए तो दोनों के बीच की दूरी चार सेमी की होगी। पृथ्वी से सूर्य की दूरी 1496 करोड़ किमी है। ये यान सूरज की सतह से 64 लाख किमी की दूरी से गुजरेगा। ये सूर्य और बुध के बीच की दूरी का 10वां हिस्सा है। बुध सूर्य से सबसे करीब है।