फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नई तकनीकों से हारकर बंद हुआ स्माइली याहू मेसेंजर, हमेशा के लिए खामोश हुई पहली चैटिंग सेवा

Wed, 18 Jul 2018 05:45 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला
विज्ञापन
yahoo messenger
विज्ञापन

आज भले ही फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम या फेसबुक मेसेंजर आ चुके हैं लेकिन एक जमाने में याहू, रेडिफ, ऑरकुट या हॉटमेल के बिना कंप्यूटर व इंटरनेट के इस्तेमाल की कल्पना तक संभव नहीं थी। लोगों को सबसे पहले इंस्टेंट मेसेजिंग की दुनिया से रूबरू कराते हुए इंटरनेट क्रांति लाने वाला याहू मेसेंजर अब पूरी तरह से बंद हो गया है। मंगलवार से इस सेवा को बंद करने का एलान करते हुए याहू ने कहा कि हमने नया और बेहतर कम्युनिकेशन टूल लाने के लिए इसे बंद किया है।

विज्ञापन


जो यूजर याहू मेसेंजर का इस्तेमाल चैटिंग के लिए कर रहे हैं उनके लिए यह दुखद खबर हो सकती है क्योंकि अब इस एप से न तो चैट हो सकेगी और न ही कोई अन्य सेवा का इस्तेमाल हो पाएगा। याहू ने कहा कि कुछ नए बदलाव के साथ कंपनी अपने नए एप स्क्विरल को याहू मेसेंजर की जगह पेश करने जा रही है। कंपनी का दावा है कि यूजर्स को यह एप काफी पसंद आएगा।

कंपनी पहले ही यह कह चुकी है कि नए एप को डाउनलोड करने के बाद यूजर्स याहू मेसेंजर पर पिछले छह महीने में की गई चैटिंग का बैकअप ले सकते हैं। याहू के मुताबिक यूजर अब अपनी चैट हिस्ट्री को सिर्फ नवंबर 2018 तक ही डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बंद होने के बाद यूजरों के लिए इसकी चैट हिस्ट्री को पाना भी नामुमकिन हो जाएगा। 
विज्ञापन


इसलिए बंद करना पड़ा
याहू मेसेंजर के बंद होने के बारे में कंपनी ने सिर्फ यही बताया है कि नया टूल लाने के कारण इसे बंद किया जा रहा है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ टैक्स्ट मैसेजिंग के चलते यह सेवा मौजूदा व्हाट्सएप, गूगल चैट या फेसबुक के मुकाबले काफी पिछड़ गई थी। कंपनी ने समय केे साथ इसमें ऑडियो-वीडियो अथवा अन्य तकनीकी बदलाव नहीं किए और इसे जबरदस्त चुनौती का सामना करना पड़ा। जबकि गूगल हैंगआउट या स्काइप जैसी सेवाओं का वीडियो कॉलिंग तक के लिए उपयोग होने लगा। इसी कारण यह लगातार पिछड़ता चला गया।

विज्ञापन

yahoo messenger
याहू पेजर के साथ हुई सफर की शुरूआत
याहू ने अपनी इंस्टेंट मेसेजिंग सेवा की शुरूआत तीन मार्च 1998 को याहू पेजर नाम से की थी। इसके अगले ही साल 1999 में इसका नाम बदलकर याहू मैसेंजर कर दिया गया। अगस्त-2000 में 3.0 वर्जन में इसके साथ ग्राफिकल इमोजी जोड़ी गईं और 5.0 वर्जन में ठीक दो साल बाद इसमें एनिमेटेड इमोजी ने जगह पाई।

अगस्त-2004 में यह विंडोज 95 को भी सपोर्ट करने लगा। 7.0 वर्जन में 2005 में इसका नाम बदलकर याहू मेसेंजर विद वॉइस करते हुए इसमें कई फीचर जोड़े गए। लेकिन 2006 में इसका नाम दोबारा याहू मेसेंजर कर दिया गया। 

एक नजर
1998 - याहू पेजर लांच
1999 - याहू मेसेंजर के रूप में रीलांच
2001 - 1.1 करोड़
2003 - 1.7 करोड़
2006 - 1.93 करोड़
2007 - 6.2 करोड़
2009 - 12.26 करोड़
2012 - मैसेंजर से सार्वजनिक चैट रूम हटाया
2014 - गेम हटाए गए
2015 - अनसेंड फीचर के साथ नया वर्जन आया
2018 - शट डाउन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें