फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काबुल धमाका: जान गंवाने वाले पांच अमेरिकी मरीन की उम्र 20 साल से थी कम, गुस्से और गम से गुजर रहे परिवार

Mon, 30 Aug 2021 06:29 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला रिसर्च टीम, वाशिंगटन

सार

  • काबुल धमाके में दो महिला मरीन सहित 13 सैनिकों ने गंवाई जान
  • 25 वर्षीय जाहनी रोजेरियो पिकार्डो के लिए पूरा शहर शोक में डूबा हुआ है
  • निगोई के पिता बोले जो बाइडन ने किया निराश 
विज्ञापन
काबुल धमाके में जान गंवाने वाली 23 वर्षीय निकोल एल गी - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काबुल धमाकों में जान गंवाने वाले 13 अमेरिकी सैनिकों के परिवार बेहद गुस्से और गम से गुजर रहे हैं। उन्होंने अफगानिस्तान से वापसी में गड़बड़ी के लिए बाइडन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

विज्ञापन


अफगान जंग के साथ शुरू जीवन, इसके अंत के साथ खत्म 
दुर्भाग्य से इनमें अमेरिकी नौसेना के 5 मरीन ऐसे भी थे जो 2001 में अफगान जंग शुरू होने के वक्त पैदा हुए थे और अब इसके अंत के साथ ही उनका जीवन भी खत्म हो गया है। 

20 वर्षीय लांस कॉर्पोरल करीम निकोई एक ऐसा ही एक नाम है। बृहस्पतिवार को धमाकों के बाद उनके पिता स्टीव निकोई बेटे के समाचार के लिए दिनभर टीवी के सामने बैठ रहे। उन्हें भरोसा था कि बेटा जिंदा है, पर तभी 3 मरीन उनके बुरी खबर लेकर पहुंचे।
विज्ञापन


धमाकों से एक दिन पहले निकोई ने अफगान बच्चों को कैंडी देते हुए खुद का एक वीडियो परिवार को भेजा था। उनके अलावा जान गंवाने वालों में चार और मरीन भी उन्हीं की उम्र के थे।

काबुल धमाके में दो महिला मरीन ने गंवाई जान
धमाके में दो महिला मरीन ने भी जान गंवाई है। इनमें एक कैलिफोर्निया की 23 वर्षीय निकोल एल गी ने अफगानिस्तान में तैनाती पर जाते वक्त सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट की थी। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने वर्दी में एक छोटे बच्चे को गोदी में लिए एक हुए तस्वीर डाली थी, जिसका कैप्शन था- मुझे मेरी नौकरी से प्यार है। (आई लव माय जॉब)

वहीं, मैसाचुसेट्स की 25 वर्षीय जाहनी रोजेरियो पिकार्डो के लिए पूरा शहर शोक में डूबा हुआ है। सैकड़ों लोगों ने उनकी शोक सभा में हिस्सा लिया। मेयर ने रोजेरियो का शहर की बेटी का करार दिया।

निगोई के पिता बोले बाइडन ने किया निराश 
20 वर्षीय मरीन निकोई के पिता का कहना है जिस तरह राष्ट्रपति ने सैनिक वापसी कराई है उससे मैं बहुत निराश हूं। जमीन पर मौजूद कमांडर को काबुल के खतरे का पता लगाकर उससे सैनिकों को बचाना चाहिए था। कुछ परिवारजनों ने बताया वापसी के एलान के बाद घरों में सैनिकों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था, लेकिन लौटने से चंद दिन पहले मौत की खबर ने उन्हें तोड़ दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें