भारत द्वारा टिकटॉक सहित 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने के फैसले को अमेरिकी कांग्रेस ने सही बताया है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर अमेरिकी नागिरकों की सुरक्षा का हवाला देते हुए चीनी एप्स और वेबसाइट के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) से जुड़े टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रतिबंध लगाने की प्रशासन की कोशिशों का समर्थन करते हुए सांसदों ने ट्रंप को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे के मद्देनजर टिकटॉक समेत चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाकर एक निर्णायक पहल की है।
पत्र में सांसदों ने कहा कि इन लोकप्रिय एप्स की डाटा एकत्रित करने की प्रक्रिया चीन के उन सख्त साइबर सुरक्षा कानूनों से जुड़ी है। इसमें चीन में काम कर रही सभी कंपनियां, जिनमें टिकटॉक की मूल कंपनी बायटेडांस भी शामिल हैं, उसे सीसीपी अधिकारियों के साथ यूजर्स का डाटा साझा करना पड़ा है। यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
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सांसदों ने ट्रंप को लिखा कि हम आपके प्रशासन से अमेरिकी लोगों की निजता और सुरक्षा की रक्षा करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।
टिकटॉक पर फैसला कुछ ही हफ्तों में लिया जाएगा : व्हाइट हाउस
इससे पहले, अमेरिका ने बुधवार को इस बात की ओर इशारा किया कि वह जल्द ही चीन को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रहा है। व्हाइट हाउस ने कहा कि टिकटॉक समेत चाइनीज एप्स पर लिए जाने वाले फैसले को कुछ हफ्तों में लिया जाएगा, इसके लिए महीनों का वक्त नहीं लगेगा।
व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज ने एयरफोर्स वन पर सवार संवाददाताओं से कहा कि मुझे नहीं लगता कि कार्रवाई के लिए कोई स्व-नियत समय सीमा है, लेकिन मुझे लगता है कि हम महीनों में नहीं बल्कि हफ्तों में इस पर निर्णय लेंगे। वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अटलांटा से उड़ान भर रहे थे।
मीडोज ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों की निगरानी करने वाले ऐसे कई प्रशासन अधिकारी हैं, जो टिकटॉक, वीचैट और अन्य चीनी एप्स को राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम की संभावना के रूप में देखते हैं। इन अधिकारियों का मानना है कि ये एप्स अमेरिकी नागिरकों की जानकारी को एकत्रित करते हैं।
पिछले महीने इस संबंध में भारत के फैसले के बाद अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के कदम ने अचानक गति पकड़ ली है। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने न्यूयॉर्क के इकोनॉमिक क्लब को एक वर्चुअल एक्सचेंज में बताया कि उन्होंने (भारत ने) निर्णय लिया कि वे भारत के अंदर काम कर रहे सिस्टम से 50 से अधिक चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसा इसलिए नहीं किया क्योंकि उसे अमेरिका ने ऐसा करने को कहा था। बल्कि भारत ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से भारतीय लोगों के लिए खतरा देख सकता था।
पोम्पियो ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अमेरिका जल्दी ही टिकटॉक को देश में प्रतिबंधित कर सकता है। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया था और कहा था कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिकी नागरिकों का डाटा एकत्रित कर रही है।
'द हिल' अखबार को दिए एक साक्षात्कार में पोम्पियो ने कहा कि मैंने टिकटॉक को लेकर टिप्पणी की। लेकिन सबसे पहले हमें सिद्धातों पर लौटने की जरूरत है। हमारा लक्ष्य अमेरिका की सुरक्षा की रक्षा करना है और इस मामले में, हमारा लक्ष्य अमेरिकी नागरिकों की जानकारियों की सुरक्षा करना है।