अमेरिका स्थित एक मीडिया समिति ने भारतीय मीडिया समूह दैनिक भास्कर और भारत समाचार के परिसरों पर आयकर विभाग द्वारा मारे गए छापे की निंदा की है। समिति ने कहा, भारत को सरकार की आलोचना करने वाले मीडिया घरानों को डराने के लिए ऐसी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
सीपीजे ने कहा, भारत को प्रेस आजादी की लंबी परंपरा को पुनर्जीवित करना चाहिए
कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने कहा कि भारत को प्रेस की स्वतंत्रता की अपनी लंबी परंपरा को पुनर्जीवित करना चाहिए और पत्रकारों को सार्वजनिक हित के मामलों पर स्वतंत्र रूप से खबरें देने की अनुमति देनी चाहिए।
सीपीजे के एशिया कार्यक्रमों के समन्वयक स्टीवन बटलर ने कहा, भारतीय मीडिया के दोनों परिसरों पर आयकर विभाग के छापों का इस्तेमाल करना भारत सरकार की आलोचना करने वाले मीडिया घरानों को डराने के मकसद से की गई कार्रवाई स्पष्ट रूप से एक घटिया रणनीति है और इसे रोके जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, भारतीय अधिकारियों को तुरंत मीडिया समूहों के कार्यालयों और उसके प्रबंध निदेशक के घर पर कब्जा छोड़ना चाहिए और मीडिया कर्मचारियों को परेशान करना बंद कर देना चाहिए।