संयुक्त राष्ट्र में 40 से ज्यादा पश्चिमी देशों ने शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी अत्याचारों पर चीन की निंदा कर उसे फटकार लगाई है। अल-जजीरा के मुताबिक, 43 देशों ने शिनजियांग में शिक्षा शिविरों के अस्तित्व की विश्वसनीयता आधारित रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए बयान पर दस्तखत किए हैं। इसे यूएन में फ्रांसीसी राजदूत निकोलस डी. रिवेरे ने पढ़ा।
शिनजियांग प्रांत में यूएन उच्चायुक्त और पर्यवेक्षकों को पहुंच मुहैया कराने को कहा
संयुक्त राष्ट्र महासभा की मानवाधिकार समिति में रिवेरे के पढ़े बयान के मुताबिक, इन देशों ने कहा कि हम चीन से आह्वान करते हैं कि वह शिनजियांग प्रांत में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त और उनके दफ्तर समेत स्वतंत्र पर्यवेक्षकों के लिए तत्काल निर्बाध पहुंच मुहैया कराए। तीन साल में यह तीसरी बार है जब अमेरिका और यूरोपीय दशों ने उइगरों पर चीन की नीतियों की आलोचना करने के लिए मानवाधिकार समिति की बैठक का इस्तेमाल किया।
ऑस्ट्रेलियाई सामरिक नीति संस्थान (एएसपीआई) ने एक नई रिपोर्ट में शिनजियांग प्रांत में दमन अभियान को लेकर चीन के सरकारी निकायों की भूमिका का खुलासा किया है। 82 पन्नों की इस रिपोर्ट में उइगर संस्कृति, पहचान और आबादी को दबाने के लिए चीनी सरकार की व्यवस्थित कोशिशें उजागर की गई है।
समन्वित कार्रवाई की अपील
ऑस्ट्रलिया सामरिक नीति संस्थान द्वारा जारी शोध रिपोर्ट हाल ही में उइगर क्षेत्र में बड़ी पैमाने पर मानवाधिकार हनन का दस्तावेजीकरण करने संबंधी साक्ष्य उजागर करने वाली नवीनतम रिपोर्ट है। इसमें शिनजियांग की कार्रवाई के लिए चीन सरकार और पूरे समाज के दृष्टिकोण पर रोशनी डाली गई है। लोकतांत्रिक देशों के सांसदों के एक क्रॉस पार्टी गठबंधन ने भी उइगरों की रक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई की अपील की है।