लैंगिक समानता की हिमायत में प्रयास करने वाली यूएन महिला संस्था 'UN Women' की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बड़ी चेतावनी दी है। अफगानिस्तान में UN Women की निदेशक ऐलिसन डेविडियन ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत में तालिबान शासन के दौरान महिलाओं की पीड़ा पर संस्था की नवीनतम रिपोर्ट पर जानकारी दी है। गौरतलब है कि तालिबान की मौजूदा सत्ता अगस्त 2021 में स्थापित हुई थी।
ऐलिसन ऐलिसन डेविडियन ने तालिबान शासन की तीन साल की इस अवधि को ऐसे अनगिनत आदेशों, दिशा-निर्देशों और बयानों से भरी बताया, जिनमें महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाया गया और उनमें महिलाओं को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित किया गया और उनसे उनकी आजादी छीनी गई।
'अत्याचार रुके नहीं हैं'
उन्होंने कहा कि तालिबान के आदेशों ने लड़कियों को छठी कक्षा से आगे की शिक्षा हासिल करने से वंचित कर दिया है और महिलाओं को गैर-सरकारी संगठनों के लिए काम करने से भी रोक दिया है। ऐलिसन डेविडियन ने अफगान राजधानी काबुल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करते हुए कहा कि तीन वर्ष पहले दुनिया एक ऐसा सत्तापलट देख रही थी, जिसमें एक के बाद एक भयानक हालात नजर आ रहे थे। तीन वर्ष बाद जब दुनिया का ध्यान कहीं और पहुंच गया है, फिर भी अफगान महिलाओं व लड़कियों के लिए ये मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। मगर इस दमन के खिलाफ खड़े होने का उनका हौसला भी कम नहीं हुआ है।
अन्य महिलाओं की निगरानी
यूएन वीमैन की रिपोर्ट में पूरे देश भर में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद हजारों महिलाओं के साथ बातचीत पर आधारित रुझान पेश किए गए हैं, जिनमें प्रान्तीय राजधानियों से लेकर ग्रामीण इलाके तक शामिल थे। ऐलिसन डेविडियन ने कहा कि पहला बहुत भयानक रुझान है, सार्वजनिक जीवन से अफगान महिलाओं की मौजदूगी को मिटा देना।
उन्होंने कहा कि आज के दिन अफगानिस्तान में एक भी महिला नेतृत्व के ऐसे पद पर नहीं है, जहां से वो किसी तरह के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सके, राष्ट्रीय या प्रांतीय स्तर पर। तालिबान के ढांचे में अगर महिलाओं को शामिल किया जाता है तो उनकी भूमिका, मुख्य रूप से अन्य महिलाओं पर तालिबानी आदेशों का पालन किए जाने की निगरानी करना होता है।
महिलाओं में संसाधन निवेश की जरूरत
यूएन वीमैन ने, अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों के मामले में गहराते संकट के मद्देनजर, देश की महिलाओं और लड़कियों में बड़े पैमाने पर संसाधन निवेश किए जाने की पुकार लगाई है। ऐलिसन डेविडियन ने पत्रकारों से कहा कि तालेबान जिस आबादी को दबाकर रखना चाहता है, अगर उसी आबादी यानि महिलाओं को मजबूत किया जाए तो इससे तालिबानी समाज की आवधारणा को अवश्य कमजोर किया जा सकता है।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)