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मॉस्को: जयशंकर के दौरे से और मजबूत हुआ रूस के साथ रिश्ता, परमाणु-रक्षा सहयोग और मुक्त व्यापार समझौते पर हुई चर्चा

Sat, 10 Jul 2021 02:27 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

विदेश मंत्री जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री के बीच परमाणु, अंतरिक्ष, ऊर्जा व रक्षा सहयोग के साथ ही मुक्त व्यापार समझौते व अफगानिस्तान में सहयोग जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई। 
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विदेश मंत्री एस जयशंकर और अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ - फोटो : ANI
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस के दौरे पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से लंबी द्विपक्षीय वार्ता  की। इस दौरान दोनों नेताओ के बीच परमाणु, अंतरिक्ष, ऊर्जा व रक्षा सहयोग के साथ ही मुक्त व्यापार समझौते व अफगानिस्तान में सहयोग जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पारंपरिक दोस्ताना रिश्तों की कसमें भी खाई और पीएम नरेंद्र मोदी व राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच इस साल होने वाली शिखर बैठक की तैयारियों की समीक्षा भी की। 

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रूसी विदेश मंत्री लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में शुक्रवार को जयशंकर ने कहा , '' हमारी वार्ता बहुत लाभदायक रही है। विश्व में जिस तरह के बदलाव हो रहे हैं और खास तौर पर कोरोना के बाद के हालात को देखते हुए भी भारत व रूस के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। हम मानते हैं कि वैश्विक स्तर पर शांति व सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए भारत व रूस के रिश्तों को और मजबूत बनाया जाना चाहिए।''
 

जयशंकर ने कहा कि कोरोना के बावजूद पिछले एक वर्ष के दौरान हमने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा व विदेश मंत्रियों की अगुआई में टू प्लस टू वार्ता शुरू करने को एक अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने रूसी कंपनियों की तरफ से 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के तहत रक्षा उपकरणों के निर्माण में रुचि दिखाने का खास तौर पर जिक्र किया।
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अफगानिस्तान के मुद्दे पर हुई विशेष चर्चा
उन्होंने बताया कि रूस और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग और सुदूर पूर्व रूस में भारतीय कंपनियों की निवेश संभावनाओं पर भी बात हुई है। दोनों मंत्रियों के बीच वार्ता में अफगानिस्तान भी अहम रहा। लावरोव ने अफगानिस्तान के बिगड़ते हालात को लेकर चिंता जताई। जयशंकर ने रूस को याद दिलाया कि अफगानिस्तान में पिछले दो दशकों में लोकतंत्र स्थापित करने व आर्थिक प्रगति को लेकर जो कदम उठाए गए हैं, उन्हें बनाए रखने की जरूरत है।

द्विपक्षीय कारोबार का लक्ष्य: 2025 तक 30 अरब डालर 
हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भी दोनों नेताओं में बात हुई। इस क्षेत्र को लेकर जयशंकर ने कहा कि भारत रूस को इस क्षेत्र में और ज्यादा सक्रिय देखना चाहता है। लावरोव ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का मुद्दा उठाया है। यह पहला मौका है, जब भारत और रूस के बीच एफटीए को लेकर बातचीत हुई है। दोनों देशों ने वर्ष 2025 तक अपना द्विपक्षीय कारोबार 30 अरब डालर करने का लक्ष्य रखा है।

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भारत को कोई विदेश मंत्री पहली बार पहुंचा जॉर्जिया

मास्को की यात्रा समाप्त करने के बाद जयशंकर शुक्रवार को ही रूस के पड़ोसी देश जॉर्जिया के पहुंचे। इस यात्रा को अप्रैल, 2021 में लावरोव की पाकिस्तान यात्रा से जोड़ कर देखा जा रहा है क्योंकि रूस और जॉर्जिया में वैसे ही रिश्ते हैं जैसा भारत और पाकिस्तान के बीच हैं। यह किसी भी भारतीय विदेश मंत्री की पहली जार्जिया यात्रा है।

भारतीय समुदाय से की मुलाकात 
विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को जॉर्जिया के शहर में शहर तस्नोरी, खाकेती में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित दर्पण पराशर को बधाई दी।

जॉर्जिया के विदेश मंत्री का भारत आने का दिया न्यौता
जॉर्जिया के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करने के बाद जयशंकर कहा, ''बहुत अच्छी चर्चा रही। हमने आर्थिक सहयोग, पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी पर चर्चा की। जॉर्जिया में कुछ बड़ी भारतीय परियोजनाएं चल रही हैं। मैंने उन्हें एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आने के लिए आमंत्रित किया। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी यात्रा से एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।''
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