अफगानी महिला (प्रतिकात्मक तस्वीर)
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अफगानिस्तान में तालिबान का अत्याचार लगातार जारी है। काबुल से लेकर कंधार तक लोग दहशत में जी रहे हैं। इस बीच अब कंधार के सरकारी अधिकारियों ने महिला विरोधी फरमान जारी किया है। दरअसल, अधिकारियों ने कंधार में चल रहे सभी रेडियो स्टेशनों से कहा है कि वे महिलाओं के गीतों के प्रसारण पर जल्द से जल्द रोक लगाएं। वहीं इस फरमान के बाद कई महिलाओं ने नाराजगी जताई है। कंधार में एक रेडियो चैनल में सामाजिक कार्यक्रमों का निर्देशन करने वाली एक युवा लड़की सना ने कहा कि वह स्थानीय सरकार के फैसले से चिंतित हैं। सना ने कहा कि सरकार हमारे अधिकारों पर हमला कर रही है। सना ने कहा कि कंधार अधिकारियों के आदेश से अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं की भूमिका प्रभावित होगी।
इस बीच कंधार के पत्रकारों ने प्रांत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने से बचने के लिए सूचना और संस्कृति मंत्रालय से गुहार लगाई है। इसके अलावा कंधार में एक रिपोर्टर नसीबुल्लाह पोपल ने कहा कि हम संबंधित संगठनों से पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करने और संबंधित कार्यालयों को इस तरहे के आदेश रद्द करने की अपील करते हैं। पत्रकार अब्दुलकावी हारूनी ने कहा कि कंधार के अधिकारियों का निर्णय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है और वास्तव में यह स्वतंत्रता की आवाज को दबा रहा है।
सूचना और संस्कृति निदेशक ने दी सफाई
इस बीच, कंधार सूचना और संस्कृति निदेशक हजरत वाली होतक ने कहा कि कंधार में कई रेडियो चैनलों में कार्यक्रम स्वीकार्य नहीं हैं और उन्होंने उन्हें अपने कार्यक्रमों में बदलाव लाने की चेतावनी दी गई थी। अन्यथा, उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।