पाकिस्तान को चकलाघर बताने वाले अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) हमदुल्लाह मोहिब ने इस बार पाक को तालिबान का एजेंट बताया है। इस पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भड़कते हुए कहा है कि मोहिब का बयान दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने की कवायद को खत्म करने की कोशिश है।
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मोहिब ने यह भी कहा था कि अफगानिस्तान में तालिबान हिंसा फैला रहा है और हम सबको पता है कि तालिबान ऐसा क्यों और किसके इशारे पर कर रहा है। कुरैशी ने अफगानिस्तान में टोलो न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, अफगानिस्तान के राजनयिक जानबूझकर ऐसे बयान दे रहे हैं ताकि दोनों पक्षों में मनमुटाव बढ़े। यह दूसरी बार है जब पाकिस्तान को हाल के हफ्तों में अफगान एनएसए को लेकर सख्त बयान जारी करना पड़ा है। तनाव भरे ये बयान ऐसे वक्त पर दिए जा रहे हैं जब अफगान शांति प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
अफगानिस्तान ने इस टिप्पणी को देश के अंदरूनी मामलों में दखल बताया। कुरैशी ने कहा था कि अफगानिस्तान में हिंसा के लिए अकेले अफगान तालिबान ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि वे तत्व भी अफगानिस्तान में हालात खराब करने के लिए जिम्मेदार हैं जो इस युद्धग्रस्त देश में शांति बहाली नहीं चाहते हैं।