पिछले हफ्ते फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को एक व्यक्ति ने थप्पड़ मार दिया था। उसके बाद एक सांसद पर पत्थर फेंके गए। उसके एक ही दिन बाद एक वामपंथी नेता पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान आटा डाल दिए जाने की घटना हुई है। इससे कभी अपनी सभ्यता और शालीन व्यवहार के लिए चर्चित इस देश की दिशा पर अब गंभीर चिंता जताई जा रही है।
फ्रांस की वामपंथी पार्टियों ने चरम दक्षिणपंथ के खिलाफ प्रदर्शनों का आयोजन किया था। कुल 140 शहरों में ये प्रदर्शन हुए, जिनमें पूर्व सत्ताधारी सोशलिस्ट पार्टी ने भी हिस्सा लिया। उसी सिलसिले में पेरिस में आयोजित एक रैली से ठीक पहले वामपंथी पार्टी ला फ्रांस इनसोमी (एएफआई) के नेता ज्यां लुक मेलेन्शॉ पर मास्क पहने एक व्यक्ति ने आटे से भरी एक बोरी उड़ेल दी। मेलेन्शॉ पिछले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार थे। पहले चरण के मतदान में उन्हें लगभग 20 फीसदी वोट मिले थे। तब से उन्हें देश के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।
मेलेन्शॉ ने इस घटना के बाद इसे कायरतापूर्ण हमला बताया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कुछ रोज पहले राष्ट्रपति मैक्रों को थप्पड़ मारा गया। मेलेन्शॉ ने कहा कि देश में अब ‘सीमाएं लांघी’ जा रही हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि इस पर उचित प्रतिक्रिया जन एकता को बढ़ाना और शांति कायम रखना ही होगा।
उधर मेलेन्शॉ पर हमला करने वाले व्यक्ति ने संवाददाताओं से कहा कि वह देश की संप्रभुता का समर्थक है। उसने ‘प्रतिरोध जताने के लिए’ ये कदम उठाया। फ्रेंच मीडिया के मुताबिक वह व्यक्ति एक यू-ट्यूब चैनल चलाता है, जिस पर धुर दक्षिणपंथी टिप्पणियां प्रसारित की जाती हैं। पुलिस ने बाद में जानकारी दी की मेलेन्शॉ पर हमले के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले मैक्रों को थप्पड़ मारने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। उस पर त्वरित न्यायिक कार्रवाई हुई। उसे चार महीने की कैद सुनाई गई है।
पिछले शुक्रवार को मैक्रों की ला रिपब्लिका एन मार्श पार्टी के सांसद फ्रांक्वां द रूगी पर पश्चिमी शहर नान्ते में एक महिला ने पत्थर फेंके थे। रूगी देश के पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं। अखबार क्वेस्ट-फ्रांस के मुताबिक हमला करने वाली 24 साल की महिला वामपंथी कार्यकर्ता है। उसे इसके पहले भी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया जा चुका है। 2019 में रूगी पर आरोप लगे थे कि उन्होंने सरकारी खर्च से महंगे डिनर के आयोजन किए। उसी आरोप में उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन पर पत्थर फेंकेत वक्त महिला उसी घटना की तरफ इशारे करते हुए नारे लगा रही थी।
रूगी ने कहा है कि राजनीति में बहस की हमेशा जरूरत है, लेकिन शारीरिक हमलों की कोई जगह नहीं है। उन्होंने अफसोस जताया कि अब अधिक से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों पर हमले हो रहे हैं, जिनकी कोई सीमा ही नहीं रही है। मैक्रों को थप्पड़ मारने वाले 28 वर्षीय व्यक्ति डेमियन तारेल के बारे में बताया गया है कि वह धुर दक्षिणपंथी है। वह मैक्रों की नीतियों से असहमत है।
विश्लेषकों का कहना है कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है। लेकिन अगर इसके आधार पर हिंसा और सीधे हमले होने लगें, तो यह समाज में गहरा रही समस्या को जाहिर करता है। ज्यादा चिंता की बात यह है कि ऐसे हमले दक्षिणपंथी और वामपंथी दोनों विचारों वाले लोग कर रहे हैँ।