हैती की राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस में हथियारबंद गिरोह के सदस्यों द्वारा शनिवार को 17 अमेरिकी ईसाई मिशनरियों और बच्चों सहित उनके परिवारों का अपहरण कर लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अपहरण किए गए ईसाई सहायता मंत्रालय के कार्यकर्ताओं में सोलह अमेरिकी और एक कनाडाई नागरिक शामिल हैं
वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अपहरण तब हुआ जब मिशनरी संकटग्रस्त कैरेबियाई देश में बस से कुछ बच्चों को एक अनाथालय छोड़ने जा रहे थे। वहीं वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता जेनिफर वियाउ ने ईमेल से कहा कि हम इस घटना पर गौर कर रहे हैं। जबकि हैती में अमेरिकी दूतावास ने व्यावसायिक घंटों के बाहर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
वहीं पुलिस की एक प्रवक्ता ने कहा कि वह इस मुद्दे पर और भी जानकारी जुटा रहे हैं। रिपोर्ट में मिशनरियों या उनके चर्च के बारे में विवरण नहीं दिया गया है। गिरोह की हिंसा में वृद्धि ने हजारों लोगों को विस्थापित किया है और सबसे गरीब देश में आर्थिक गतिविधियों को बाधित किया है।
हैती में बढ़ी हिंसा
हैती में आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक संकट हाल ही में काफी गहरा गया है। इस साल जहां पोर्ट-ऑ-प्रिंस में सार्वजनिक हिंसा में भारी वृद्धि हुई है वहीं देश में मुद्रास्फीति बढ़ती जा रही है। देश में भोजन और ईंधन की कमी भी हो रही है। यहां की 60 फीसदी आबादी हर दिन दो डॉलर से भी कम कमाती है। यह संकट ऐसे समय में है जब यह देश 2010 के भूकंप और 2016 के तूफान से उबरने की कोशिश कर रहा है।
हैती के राष्ट्रपति जोवेनल मोइसी की भी हुई थी हत्या
गौरतलब है कि जुलाई में कैरेबियाई देश हैती के राष्ट्रपति जोवेनल मोइसी की हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति के घर में घुसकर उन पर हमला किया गया था। मोइसी को बेहद ही अमानवीय और नृशंस तरीके से मारा गया था।