जंग के बीच यूक्रेन के जपोरिजिया स्थित यूरोप के सबसे बड़े परमाणु बिजली घर में आग लग गई है। खबरों में कहा गया है कि इस पर यदि जल्द काबू नहीं पाया गया तो चेर्नोबिल हादसे से 10 गुना बड़ा हादसा हो सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के कार्यालय प्रमुख के सलाहकार ने इस आग का वीडियो ट्वीट कर चेताया है। इस संयंत्र पर शुक्रवार को रूस ने कब्जा कर लिया है।
खबरों में कहा गया है कि इस संयंत्र से धुएं के गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने आग लगने के बाद रूसी सैनिकों से इस संयंत्र पर हमला बंद करने को कहा है। कुलेबा ने ट्वीट किया, 'अगर यह उड़ा, तो यह चेर्नोबिल हादसे से 10 गुना बड़ा धमाका होगा! रूसियों को तुरंत इस पर हमले रोकना चाहिए।' रूसी फौजों ने यूक्रेन के एनरहोदर शहर पर बमबारी की। इसकी चपेट में यह संयंत्र भी आ गया।
36 साल पहले 26 अप्रैल 1986 को तत्कालीन सोवियत संघ के चेर्नोबिल के न्यूक्लियर पावर प्लांट (Chernobyl disaster) में भयानक विस्फोट हुआ था। यह धमाका इतना विनाशकारी था कि कुछ ही घंटे में यहां काम करने वाले 32 कर्मचारियों की मौत हो गई थी जबकि न्यूक्लियर रेडिएशन से सैकड़ों कर्मचारी बुरी तरह जल गए थे। सोवियत संघ द्वारा इस हादसे को दुनिया से छिपाने की कोशिश गई। लेकिन स्वीडन सरकार की एक रिपोर्ट के बाद तत्कालीन सोवियत संघ ने इस हादसे को माना था। सोवियत संघ के बंटवारे के बाद चेर्नोबिल यूक्रेन में आ गया।
चेर्नोबिल न्यूक्लियर प्लांट में खराबी आने की वजह से हादसा हुआ था। इस भीषण हादसे में संयंत्र की छत उड़ गई थी और रेडिएशन काफी दूर तक फैल गया था। दरअसल 26 अप्रैल को न्यूक्लियर पावर प्लांट में एक जांच की जानी थी। इस जांच के दौरान ही प्लांट में भीषण विस्फोट हुआ था। वैज्ञानिक एक इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कर यह पता लगाना चाहते थे कि बिजली सप्लाई बंद होने के बाद रिएक्टर के उपकरण काम करते हैं या नहीं।