Police Commemoration Day: पुलिस स्मृति दिवक के मौके पर आयोजित श्रद्दांजलि में सभा में डा. अतुल फुलझेले, आईपीएस, महानिरीक्षक, दक्षिण बंगाल सीमांत ने बल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जवानों के साथ इस वर्ष शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ–साथ विभिन्न बलों के शहीद जवानों का नाम पुकार कर याद किया...
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सीमांत मुख्यालय दक्षिण बंगाल के परिसर में शुक्रवार को ‘पुलिस स्मृति दिवस’ का आयोजन किया गया। इस मौके पर शहीदों को याद उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और इस वर्ष शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ-साथ विभिन्न बलों के शहीदों को याद कर उनकी शौर्यगाथाओं को याद किया गया। शहीदों के बलिदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया। इस वर्ष सीमा सुरक्षा बल के 27 शहीदों एवं केंद्रीय पुलिस बलों व विभिन्न राज्यों की पुलिस के 237 शहीद जवानों समेत कुल 264 जवान मातृभूमि की सेवा करते हुए शहीद हुए हैं।
विज्ञापन
पुलिस स्मृति दिवक के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि में सभा में डा. अतुल फुलझेले, आईपीएस, महानिरीक्षक, दक्षिण बंगाल सीमांत ने बल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जवानों के साथ इस वर्ष शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ–साथ विभिन्न बलों के शहीद जवानों का नाम पुकार कर याद किया। उनके बलिदान और बहादुरी का गुणगान किया।
इसलिए मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
21 अक्तूबर, 1959 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के करम सिंह, उप पुलिस अधीक्षक, 20 जवानों के साथ लद्दाख की पहाड़ियों पर चीन से लगी भारतीय सीमा पर गश्त कर रहे थे। उसी समय ऊंची पहाड़ी से चीनी सेना द्वारा भारतीय गश्ती दल पर ‘हॉट स्प्रिंग’ नामक स्थान पर हमला कर दिया गया, जिसमें 10 भारतीय जवान बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हो गए एवं शेष जवानों को बंदी बना लिया गया था। उन्हीं शहीद जवानों के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर को देश के सभी पुलिस बल इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं। जिन जवानों ने अपना जीवन देश के लिए बहादुरी से लड़ते हुए बलिदान कर दिया उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए देश के सभी पुलिस बल परेड का आयोजन कर अपने बहादुर जवानों को याद करते हैं और कर्तव्य निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाने की शपथ लेते हैं।