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Iran-Israel War: ईरान ने किया अमेरिका के USS अब्राहम लिंकन पर हमला?

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Fri, 13 Mar 2026 07:55 PM IST

क्या ईरान ने अमेरिका की समुद्री ताकत को चुनौती दे दी है? क्या दुनिया के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में से एक को निशाना बनाया गया? या फिर यह सिर्फ दावों और इनकार की जंग है?

पश्चिम एशिया से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी नौसेना के शक्तिशाली विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln को मिसाइल और ड्रोन हमले से निशाना बनाया है।

ईरान का कहना है कि इस हमले के बाद अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को खाड़ी के जलक्षेत्र से पीछे हटना पड़ा। लेकिन अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना की मध्य कमान United States Central Command का कहना है कि USS Abraham Lincoln पूरी तरह सुरक्षित है और अपना मिशन जारी रखे हुए है।

ऐसे में सवाल यही है क्या यह सिर्फ मनोवैज्ञानिक युद्ध है या पश्चिम एशिया में किसी बड़े टकराव की आहट?

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी नौसेना के शक्तिशाली युद्धपोत USS Abraham Lincoln को मिसाइल और ड्रोन हमले से निशाना बनाया है। हालांकि अमेरिका ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

आईआरजीसी के अनुसार, यह हमला ओमान के जलक्षेत्र में किया गया, जो ईरान की समुद्री सीमा से लगभग 340 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। ईरान का कहना है कि उसकी एक सटीक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले ने अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया, जिसके बाद वह काम करने की स्थिति में नहीं रहा और उसे खाड़ी क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा।

ईरान के सरकारी मीडिया ने भी इस हमले का जिक्र करते हुए दावा किया कि हमले के बाद अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को पीछे हटना पड़ा। हालांकि इन दावों के समर्थन में अब तक कोई ठोस सबूत या तस्वीरें जारी नहीं की गई हैं।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने ईरान के इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है। अमेरिकी सेना की मध्य कमान United States Central Command यानी सेंटकॉम ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि USS Abraham Lincoln पूरी तरह सुरक्षित है और अपने मिशन पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। सेंटकॉम ने युद्धपोत की एक ताजा तस्वीर भी साझा की और कहा कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में लगातार योगदान दे रहा है।

अगर ईरान का दावा सही साबित होता है तो यह अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। इसकी वजह यह है कि USS Abraham Lincoln अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण युद्धपोतों में से एक है। यह निमित्ज़ श्रेणी का पांचवां परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है, जिसे अमेरिकी नौसेना में 1989 में शामिल किया गया था।

करीब 97 हजार टन वजनी यह विशाल युद्धपोत लगभग 1092 फीट लंबा है और इसकी फ्लाइट डेक करीब 4.5 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस पोत पर एक साथ लगभग 90 लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं, जिनमें आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट F‑35C Lightning II भी शामिल हैं।

इस युद्धपोत पर करीब 5 हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और अन्य क्रू सदस्य तैनात रहते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इतना बड़ा होने के कारण इस जहाज के भीतर कई सुविधाएं मौजूद हैं जैसे अस्पताल, फायर स्टेशन, लाइब्रेरी, जनरल स्टोर, टीवी और रेडियो स्टेशन, यहां तक कि इसका अपना अखबार भी होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस तरह के दावे और जवाबी बयान स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इतना तय है कि खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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