उच्च और तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से पहले जमीन का भूगर्भीय सर्वेक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान के निर्देश दिए। मंगलवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. सिन्हा ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि सीमांत जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। यह बेहद जरूरी और लाभकारी योजना है। इसके निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चंडाक रोड पर पार्किंग निर्माण के दौरान भूस्खलन होना गंभीर है। आपदा की दृष्टि से संवदेनशील जिले में किसी भी निर्माण कार्य से पहले जमीन का भूगर्भीय सर्वेक्षण होना चाहिए। पार्किंग निर्माण को लेकर भूगर्भीय जांच की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। कहा इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है इसे जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। नए भवन निर्माण से पहले पूर्व में बने भवनों का सुधारीकरण कर इसमें कक्षाओं का संचालन होगा। उन्होंने कहा कि सीमांत जिला पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में यहां लगातार पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सीएम घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज, लक्ष्मण सिंह महर परिसर और पॉलिटेक्निक कॉलेज का निरीक्षण कर यहां सुविधाओं के विस्तार की बात कही। बैठक में डीएम विनोद गोस्वामी, सीडीओ डॉ. दीपक सैनी, पीडी आशीष पुनेठा, डीडीओ रमा गोस्वामी, सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल, जिला अर्थ संख्या अधिकारी निरंजन प्रसाद सहित कई अधिकारी शामिल रहे।