साहब पुल बनवा दीजिए, हमारी जिंदगी संवर जाएगी यह कहना है कि पांगला गांव के ग्रामीणों का। उन्हाेंने बताया कि बीते वर्ष आपदा में दो पुल बह गए थे, जिससे छात्र-छात्राएं के साथ उन्हें जान जोखिम में डालकर नालों का पार करना पड़ रहा है। कहा कि 2500 की आबादी खतरे के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर है। पांगला के ग्रामीण पूर्व प्रधान जनक बिष्ट के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम विनोद गोस्वामी को ज्ञापन दिया। बिष्ट ने बताया कि बीते वर्ष की आपदा में दो पुल बह गए थे। पांच महीने बाद भी पुलों का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर नालों को पार कर रहे है। कहा कि विद्यार्थी भी रोज खतरे के बीच नालों को पार कर स्कूल जा रहे हैं।