पिथौरागढ़ जिले में बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन कर शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया। कार्यकर्ताओं ने कहा स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं तो अस्पतालों में इलाज के लिए डॉक्टर। करोड़ों से बने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं और मरीज बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर की दौड़ लगा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मोनिका महर के नेतृत्व में जाखनी तिराहे पर एकत्र हुए स्वास्थ्य मंत्री का पुतला जलाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों से खोले गए बेस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। अन्य अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। सरकारी शिक्षा बदहाल है। स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। मौजूदा सरकार और जिम्मेदार मंत्री इसके बाद भी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहतरी के दावे कर रहे हैं। कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री को छात्र संघ चुनाव न कराने का जवाब भी देना होगा। छात्रसंघ चुनाव न कराकर सरकार ने छात्र राजनीति के साथ ही लोकतंत्र ही हत्या करने का काम किया है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा यदि शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री में थोड़ी नैतिकता शेष है तो उन्हें सीमांत जिले में कदम नहीं रखना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष निखिल ऐरी, कार्तिक खर्कवाल, अजय वल्दिया, आयुष कुमार, विक्की, जतिन वल्दिया, पारस रस्युनी, अक्षय, नीरज जोशी, ऋषेन्द्र महर सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।