थराली, सूना,देवलग्वाड़, पैनगढ़ और सुनांउ मल्ला के सैकड़ों ग्रामीण पुल निर्माण की मांग को लेकर तहसील पहुंचे और उन्होंनें प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुये कहा कि यदि तीन दिन में पुल निर्माण का कार्य फिर से शुरू नहीं किया जायेगा तो लोक निर्माण विभाग में आमरण अनशन पर बैठेंगें। उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत ने कहा कि संयुक्त टीम बनाकर इसकी जांच की जायेगी। चार साल से प्राणमति नदी में पुल नहीं बनने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज तहसील में अपना आक्रोश व्यक्त किया। सूना की प्रधान अनीता देवी, सभासद मोहन पंत, ग्राम समिति के अध्यक्ष कुवंर सिंह, मोहन बहुगुणा, नरेश देवराड़ी, रमेश पुरोहित, संजय सिंह,रीना देवी आदि का कहना था कि जून 2022 में आई आपदा में सूना, थराली गांव, देवलग्वाड़, सुनांउ तल्ला और पैनगढ़ गांवों को जोड़ने वाला मोटर पुल और झूला पुल दोनों बह गये थे। जिससे इन गांवों का संपर्क हर साल बरसात में देश दुनिया से कट जाता है। बच्चे चार महीने स्कूल नहीं जा पाते हैं। गर्भवती और बुजर्ग बीमार व्यक्ति अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। उस समय विभाग और प्रशासन पुल बनाने की बात कहता है लेकिन जैसे ही अक्टूबर-नवंबर में नदी का पानी कम हो जाता है तब लकड़ी की पुलिया से आवाजाही के बाद फिर सब चुप हो जाते हैं। विभाग ने इस साल दिसंबर में झूला पुल के एबटमेंट बनाये लेकिन पुल नहीं जोड़ा है और जनता को गुमराह किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग भूमि विवाद का बहाना बनाकर पुल जोड़ना ही नहीं चाहता है। अब जनता सड़कों पर उतरेगी और लोनिवि के सामने आमरण अनशन करेगी।