गरुड़ क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक में कत्यूर घाटी में हिंसक जानवरों की बढ़ती दहशत और लावारिस जानवरों से हो रहे नुकसान का मुद्दा छाया रहा। जनप्रतिनिधियों ने तेंदुए, भालू, जंगली सुअर और बंदरों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। अधिकारियों से कार्यक्रम में उठाई जा रही शिकायतों का प्राथमिकता से निदान करने की मांग की। बुधवार को ब्लाॅक प्रमुख किशन सिंह बोरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक का शुभारंभ जिपं अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, पीएमजीएसवाई अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने किया। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली, जंगली जानवरों की बढ़ती धमक आदि समस्याएं प्राथमिकता से दर्ज हुईं। आगर मरतोली के ग्राम प्रधान कैलाश परिहार ने कहा कि उनके गांव में आठ किसानों ने पॉलीहाउस के लिए आवेदन किया था। अब तक एक को भी नहीं मिला है। पिंगलो के ग्राम प्रधान दान सिंह ने खेती के लिए बीज नहीं मिलने की शिकायत रखी। उपाध्यक्ष बिष्ट ने कृषि विभाग के अधिकारियों से तत्काल मामले का संज्ञान लेने को कहा। ब्लॉक प्रमुख बोरा ने कहा कि बैठक में आने वाली समस्याओं का जल्द निदान किया जाना चाहिए। इस मौके पर सीडीओ आरसी तिवारी, डीडीओ संगीता आर्या, जिपं सदस्य जनार्दन लोहुमी, भाष्कर बोरा समेत विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।