चोलापुर थाना क्षेत्र के दासनीपुर गांव निवासी सुशीला देवी ने पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल को प्रार्थना पत्र देकर महिला उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सुशीला देवी के अनुसार, 22 जुलाई की रात करीब दो बजे महिला उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल अपने दो मातहत पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचीं और जबरन घर में प्रवेश कर गईं। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके बेटे रोहित को जबरन वाहन में बैठा लिया और थाने ले गए। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद वे चोलापुर थाने पहुंचे, जहां रोहित मौजूद मिला, लेकिन पुलिस ने उनसे मिलने या बातचीत करने की अनुमति नहीं दी। इससे पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान हो गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। परिवार का कहना है कि पुलिस आयुक्त कार्यालय से जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पुलिस ने रोहित का भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 151 के तहत चालान कर दिया। सुशीला देवी ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस को केवल धारा 151 के तहत कार्रवाई ही करनी थी, तो आधी रात को जबरन घर में घुसकर उनके बेटे को उठाने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।