शिव की नगरी में चल विश्वनाथ की मान्यता वाले तैलंग स्वामी की जयंती मंगलवार को मनाई गई। 479वें जन्मोत्सव पर पंचगंगा घाट स्थित मठ में अनुष्ठान का सिलसिला अनवरत चल रहा है। पौष शुक्ल पक्ष एकादशी पर जन्मे तैलंग स्वामी की प्रतिमा के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला अनवरत जा रहा।मंगलवार को तैलंग स्वामी की जयंती पर पंचगंगा घाट स्थित मठ से पादुका यात्रा निकाली गई। पादुका यात्रा का शुभारंभ पं. राहुल बक्शी, पं. राम भाटे के द्वारा विधिवत पूजन पाठ के उपरांत हुआ। शहनाई की मंगल धुन, शंख ध्वनि और हर हर महादेव शंभू की गूंज के बीच काशी की संकरी गलियों से शोभायात्रा गंगा घाट से काशी कोतवाल के दरबार पहुंची। रजत सिंहासन पर तैलंगस्वामी की तस्वीर और पादुका को लिए विप्रगण नंगे पाव चल रहे थे। शोभायात्रा मंगला गौरी, रामघाट, सिंधिया घाट, चौखंभा होते हुए काल भैरव के दरबार में पहुंची। बाबा कालभैरव के मंदिर तैलंग स्वामी की रजत पालकी का दर्शन पूजन के बाद वापस मठ पहुंचाया गया। शोभा यात्रा जिधर से गुजर रही थी लोग अपने घरों से फूल बरसा रहे थे। शोभायात्रा में पं. अजय शंकर तिवारी, सुमित पालंदे, गीतकार कन्हैया दुबे केडी, गणेश पालंदे, सुनील शर्मा, भालचंद्र सहित काफी संख्या में भक्तगण शामिल थे।