देवशयनी एकादशी का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाराणसी के प्रमुख गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर मंगल कामनाएं कीं। दशाश्वमेध घाट पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पहले ही स्नान करना आरंभ कर दिया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने व्रत भी रखा और विशेष मंत्रों का जाप किया। घाटों पर पुरोहितों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की। यह दिन भगवान विष्णु के शयनकाल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान चार महीने तक कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है।